लखनऊ, 14 मई 2026:
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे एवं और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव गुरुवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। 38 वर्षीय प्रतीक को गमगीन माहौल के बीच अंतिम विदाई दी गई। पत्नी अपर्णा के पिता अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान घाट पर मौजूद हर आंख नम दिखाई दी।

इससे पहले विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास से जब प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा निकली तो हजारों समर्थक साथ हो लिए। प्रतीक यादव अमर रहें के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। अंतिम यात्रा में यादव परिवार के लगभग सभी प्रमुख सदस्य शामिल रहे। अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह, डिंपल यादव, शिवपाल के बेटे आदित्य यादव आदि ने प्रतीक को अंतिम प्रणाम किया। आदित्य ने शव को कंधा भी दिया।
पति को अंतिम यात्रा पर रवाना करने से पहले अपर्णा यादव खुद को संभाल नहीं सकीं और फूट-फूटकर रो पड़ीं। रातभर वह अपनी दोनों बेटियों के साथ शव के पास बैठी रहीं। उधर घाट पर पहुंचे अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह सहित यादव परिवार के अन्य सदस्यों ने चिता पर लकड़ियां रखीं और बेहद नम आंखों से प्रतीक को श्रद्धांजलि दी। इस दौर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सहित कई नेता और तमाम लोग मौजूद रहे।

अंतिम संस्कार के दौरान प्रतीक की दोनों बेटियां भी बेहद भावुक नजर आईं। उन्होंने पिता की चिता पर लकड़ियां रखीं तो वहां मौजूद लोग भी अपनी आंखें नम होने से नहीं रोक सके। अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव ने बेटियों को संभाला और सांत्वना दी।
प्रतीक यादव की अंतिम यात्रा में एक तस्वीर सबसे ज्यादा चर्चा में रही। शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ तस्वीर लगाई गई थी। कीमती गाड़ियों और जिम के शौकीन प्रतीक एनिमल लवर के रूप में भी जाने जाते थे। उनके करीबियों के मुताबिक उन्हें जानवरों से बेहद लगाव था।

श्मशान घाट पहुंचने से पहले परंपरा के अनुसार शव को पांच बार जमीन पर रखा गया। प्रतीक के घर से कुछ दूरी पर स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर भी शव को कुछ देर के लिए रखा गया जहां कार्यकर्ताओं ने भावुक होकर श्रद्धांजलि दी।
इससे पहले सुबह से ही अंतिम दर्शन के लिए नेताओं और समर्थकों का तांता लगा रहा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई है।

डॉक्टरों के अनुसार वह पल्मोनरी एम्बोलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन रोक देता है। रिपोर्ट में शरीर पर छह चोटों के निशान भी मिले हैं।विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।






