न्यूज डेस्क, 14 मई 2026:
समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत ने हमारा ध्यान उस गंभीर बीमारी की ओर खींचा है जिसके शुरुआती संकेत अक्सर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। राजनीति से दूरी बनाकर रखने वाले प्रतीक यादव फिटनेस और बिजनेस से जुड़े कामों में सक्रिय रहते थे और अपनी हेल्थ को लेकर काफी जागरूक माने जाते थे, लेकिन इसके बावजूद वह ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आ गए। मेडिकल साइंस में इस बीमारी को बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति मानी जाती है।
क्या है पल्मोनरी एम्बोलिज्म?
पल्मोनरी एम्बोलिज्म ऐसी स्थिति है जब शरीर में बना खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है और वहां की धमनियों को ब्लॉक कर देता है। अधिकतर मामलों में यह थक्का पैरों की नसों से होकर फेफड़ों तक पहुंचता है और जब फेफड़ों में खून का बहाव रुकने लगता है तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसका असर सांस लेने और दिल की कार्यक्षमता पर पड़ता है।

फिट दिखना हमेशा फिट होने की गारंटी नहीं
प्रतीक यादव का मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वो नियमित रूप से फिटनेस पर ध्यान देते थे और हेल्दी रूटीन फॉलो करते थे लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जो लंबे समय तक शरीर के अंदर चुपचाप बढ़ती रहती हैं और शुरुआती संकेत बेहद सामान्य लगते हैं। हाई ब्लड प्रेशर, लगातार तनाव, अनियमित दिनचर्या, ज्यादा देर तक बैठे रहना या शरीर में बनने वाले छोटे ब्लड क्लॉट कई बार बड़ी समस्या का रूप ले सकते हैं। यही कारण है कि सिर्फ फिट दिखना काफी नहीं बल्कि नियमित मेडिकल चेकअप भी जरूरी माना जाता है।
इन लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें
पल्मोनरी एम्बोलिज्म के लक्षण अचानक सामने आ सकते हैं। कई बार लोग इन्हें सामान्य थकान, गैस या सांस की मामूली समस्या समझकर टाल देते हैं जबकि यही लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। इस बीमारी के प्रमुख लक्षण जैसे अचानक सांस फूलना, सीने में तेज दर्द, दिल की धड़कन तेज होना, चक्कर आना या बेहोशी, खांसी के साथ खून आना या अत्यधिक कमजोरी महसूस होना है। अगर इनमें से कोई लक्षण लगातार महसूस हो रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
किन लोगों को ज्यादा रहता है खतरा?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कुछ स्थितियां पल्मोनरी एम्बोलिज्म का खतरा बढ़ा सकती हैं जैसे लंबे समय तक बैठे रहना, मोटापा, धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट या फेफड़ों की बीमारी, हाल में हुई सर्जरी या गंभीर चोट और फिजिकल एक्टिविटी की कमी होना। विशेषज्ञों का कहना है कि एक्टिव लाइफस्टाइल, नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त पानी पीना और समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
एक चेतावनी भी, एक सीख भी
प्रतीक यादव की घटना यह बताती है कि गंभीर बीमारियां सिर्फ कमजोर या लापरवाह लोगों को ही नहीं होतीं। कई बार फिटनेस को लेकर जागरूक और एक्टिव लोग भी ऐसी मेडिकल कंडीशन की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में शरीर द्वारा दिए जा रहे छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। फिटनेस के साथ-साथ रेगुलर हेल्थ मॉनिटरिंग और समय पर जांच भी उतनी जरूरी है।






