गोरखपुर, 16 मई 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर के ताल नदोर में अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार 393 करोड़ रुपये की लागत वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास किया। सीएम ने कहा कि यह परियोजना पूर्वांचल के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगी। उन्होंने कहा कि जिस धरती ने देश को अनेक प्रतिभाएं दी हैं, वहीं अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में बनने वाला यह स्टेडियम 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा और इसमें 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। उन्होंने बताया कि इसके आसपास 60 एकड़ जमीन सुरक्षित रखी गई है, जहां विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। यहां हॉकी की सुविधाएं, इनडोर स्टेडियम, होटल, रेस्टोरेंट और बाजार विकसित किए जाएंगे। उनके मुताबिक कुछ वर्ष पहले तक यह इलाका उपेक्षित और बंजर पड़ा था, लेकिन अब इसे खेल और विकास के बड़े केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य खेल को गांव-गांव तक पहुंचाना है। हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम, हर जिले में खेल सुविधाएं और हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित किए जा रहे हैं। Major Dhyan Chand Sports University बनकर तैयार है और उसका लोकार्पण जल्द होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अब अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के सहयोग से इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियां अपने सीएसआर फंड से इस परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय मंत्री का आभार जताया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से सरकारी नौकरियां दी हैं। ललित उपाध्याय, दीप्ति शर्मा, पारुल चौधरी, अर्जुन देशवाल, प्रवीण कुमार व राजकुमार पाल को डिप्टी एसपी बनाया गया है। विजय कुमार यादव और दिव्य ककरन को नायब तहसीलदार के पद दिए गए हैं।

उन्होंने घोषणा की कि 500 खिलाड़ियों की नई भर्ती प्रक्रिया फिर शुरू की गई है और अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी पेश की है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा अपनी ही धरती पर दिखाने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा कि खेल ढांचे में निवेश करना सरकार का कर्तव्य है।
योगी आदित्यनाथ ने विकास को सबसे बड़ा एजेंडा बताते हुए कहा कि गोरखपुर-वाराणसी मार्ग की तस्वीर पिछले दस वर्षों में पूरी तरह बदल गई है। जो यात्रा पहले सात से आठ घंटे में पूरी होती थी, वह अब ढाई घंटे में हो रही है। उन्होंने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं है और जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने वाले लोगों ने हमेशा सत्ता का उपयोग अपने परिवार और स्वार्थ के लिए किया, जबकि वर्तमान सरकार जनकल्याण, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर काम कर रही है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी नेभरोसा जताया कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना अगले 18 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश केवल संभावनाओं की बातें नहीं करता, बल्कि जमीन पर परिणाम दिखा रहा है। देश और दुनिया के निवेशकों की नजर अब उत्तर प्रदेश पर है और ऊर्जा क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। खास तौर पर हरित ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश उल्लेखनीय काम कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने जो नई पहचान बनाई है, वह पूरे देश के लिए एक मिसाल है। प्रदेश की कानून व्यवस्था में हुए व्यापक सुधार से आम नागरिकों के साथ-साथ उद्योग जगत का भरोसा भी मजबूत हुआ है। बेहतर कानून व्यवस्था निवेश को आकर्षित करती है और निवेश विकास का रास्ता खोलता है।
उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर योगी आदित्यनाथ की छवि एक सख्त और दृढ़ प्रशासक की है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी बारीकियों को समझते हैं। हर योजना को गंभीरता से परखने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की उनकी क्षमता उन्हें अलग पहचान देती है। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर भी उनकी मुख्यमंत्री से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जब एथेनॉल ब्लेंडिंग से जुड़े प्रस्ताव रखे गए तो मुख्यमंत्री ने तुरंत कहा कि प्रस्ताव भेजिए, उत्तर प्रदेश में उसे लागू किया जाएगा। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार नई तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र के नवाचारों को तेजी से अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की खास बातें
गोरखपुर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम 46 एकड़ क्षेत्रफल में बनेगा। इसकी लागत करीब 393 करोड़ रुपए आएगी। कुल 30 हजार दर्शक क्षमता का यह स्टेडियम ‘ग्राउंड प्लस टू फ्लोर’ के हिसाब से बनेगा। इसके मेन ग्राउंड पर खिलाड़ियों के लिए 7 प्लेइंग पिच और 4 प्रैक्टिस पिच होगी। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शक बैठ सकेंगे। नार्थ पैवेलियन 208 वीआईपी व 382 मीडियाकर्मियों और साउथ पैवेलियन 1708 वीवीआईपी व वीआईपी के लिए होगा। डे-नाइट मैच भी हो सकें, इसके लिए मेन स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानक के चार हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था रहेगी। यहां क्रिकेट के अलावा अन्य बड़े आयोजन भी होंगे।






