न्यूज डेस्क, 17 मई 2026:
पश्चिम एशिया एक बार फिर विस्फोटक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गई है। इसके संकेत समुद्र से लेकर सत्ता के गलियारों तक साफ दिखाई देने लगे हैं। दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति लाइनों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने ऐसा कदम उठाने के संकेत दिए हैं जिसने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट ने हालात को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के चेयरमैन इब्राहिम अजीजी ने घोषणा की है कि ईरान जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के लिए नया सिस्टम लागू करेगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था ईरान की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
हालांकि उनके बयान का सबसे बड़ा संदेश यह रहा कि केवल वही देश और कारोबारी जहाज इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे। इतना ही नहीं इस सिस्टम के तहत विशेष सेवाओं के लिए टैक्स भी वसूला जाएगा।

ईरान की तरफ से यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को लेकर पहले से ही तनाव चरम पर है। इसी बीच ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कुवैत और यूएई को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जमीन ईरान के दुश्मनों के इस्तेमाल के लिए खोल दी है। मोखबर ने कहा कि ईरान ने अब तक संयम बरता, लेकिन यह हमेशा जारी नहीं रहेगा।
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक एआई जनरेटेड तस्वीर साझा कर हालात को और गरमा दिया। तस्वीर में ट्रंप ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ कैप पहनकर अमेरिकी नौसेना के एक एडमिरल के साथ युद्धपोत पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। समुद्र में तूफानी माहौल और पीछे दिख रहे ईरानी जहाजों के बीच ट्रंप ने लिखा कि यह तूफान से पहले की शांति थी। ट्रंप के इस पोस्ट को सीधे तौर पर ईरान के लिए चेतावनी माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ संभावित हवाई हमलों के विकल्प पर चर्चा कर रहा है। व्हाइट हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सैन्य योजनाओं पर मंथन जारी है। सूत्रों का दावा है कि यदि कूटनीतिक बातचीत नाकाम रही तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई का रास्ता अपना सकता है। ऐसे में होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव अब पूरी दुनिया के लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है।






