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कैंसर, कर्ज और PGI में आखिरी रात…मौत आने से पहले जिंदगी खत्म, बेड पर ब्लेड के साथ मिला शव

एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे बस्ती जिले के 61 वर्षीय मुस्ताक अली, करा रहे थे लीवर कैंसर का इलाज, कटे गले से बह रहा था खून, वार्ड में मची अफरा-तफरी, पुलिस आत्महत्या व अन्य पहलू पर कर रही जांच

एमएम खान

मोहनलालगंज (लखनऊ), 18 मई 2026:

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (पीजीआई) के एलटीयू वार्ड में भर्ती कैंसर मरीज की सोमवार तड़के गला कटने से मौत हो गई। मरीज अपने बेड पर खून से लथपथ मिला। पास में एक ब्लेड भी बरामद हुई है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन, पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी।

बस्ती जिले के गांधी नगर निवासी 61 वर्षीय मुस्ताक अली पिछले करीब एक महीने से पीजीआई में भर्ती थे। वह लीवर कैंसर से पीड़ित थे और बीते आठ-नौ महीनों से इलाज चल रहा था। परिवार के मुताबिक बीमारी के इलाज में काफी खर्च हो चुका था और घर आर्थिक तंगी से गुजर रहा था।

मुस्ताक अली हार्डवेयर के कारोबार से जुड़े थे, लेकिन लंबे इलाज ने परिवार की कमर तोड़ दी थी। रिश्तेदारों के अनुसार पहले से चल रहा कारोबार लगभग ठप पड़ गया था। इलाज, दवाइयों और अस्पताल के खर्च ने बची-खुची जमा पूंजी भी खत्म कर दी। परिवार एक तरफ बीमारी से जूझ रहा था, तो दूसरी तरफ रोजमर्रा के खर्च पूरे करना भी मुश्किल हो गया था।

सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे वार्ड में भर्ती दूसरे मरीज के तीमारदार ने देखा कि मुस्ताक अली के गले से खून बह रहा है। यह देखते ही वार्ड में हड़कंप मच गया। अस्पताल के कर्मचारियों को खबर दी गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

घटना के वक्त मुस्ताक अली के भाई मुख्तार अली बेड के पास जमीन पर सो रहे थे। शुरुआती जांच में पुलिस को मृतक के बगल में एक ब्लेड मिली है। इसी आधार पर पुलिस आत्महत्या की आशंका को भी जांच में शामिल किए हुए है, हालांकि दूसरे पहलुओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। परिवार में पत्नी शफीकुल निशा और बेटी मुंतीशा हैं। पुलिस को उनके पास ब्लेड मिली। पुलिस ने कहा कि शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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