न्यूज डेस्क, 18 मई, 2026:
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG एक बार फिर विवादों के घेरे में है लेकिन इस बार सिर्फ छात्र ही नहीं बल्कि मशहूर सिंगर और म्यूजिक कंपोजर विशाल ददलानी भी खुलकर इस मुद्दे पर सामने आ गए हैं। पेपर लीक विवाद पर गुस्सा जाहिर करते हुए विशाल ददलानी ने अपने इंस्टाग्राम के सोशल मीडिया अकाउंट से तीखा बयान दिया है कि अनपढ़ और जाहिल लोगों को सत्ता में मत बैठाइए। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि कोई गवर्नमेंट एजेंसी पेपर लीक की जिम्मेदारी नहीं ले रही है और सबसे शर्मनाक बात ये है कि सम्बंधित मिनिस्टर यह कह रहें कि इसमें क्या बड़ी बात है और हम कोई रेजिग्नेशन नहीं देंगे।
उन्होंने आगे कहा है कि हम एक ऐसे युग में रह रहे हैं जहां जो पावर में सत्ता पर बैठे हैं वो एजूकेट नहीं है और यही चीज भारत को बर्बाद कर रही है। उन्होंने अपने वीडियो के माध्यम से लोगों से अपील की है कि धर्म और जाति से ऊपर उठकर शिक्षित लोगों को वोट करें उन्हें सत्ता में लेकर आएं ना जो जाहिल और गंवार हैं। यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गया और लाखों छात्रों के दर्द की आवाज बन गया। देशभर में जहां छात्र अपनी मेहनत और भविष्य को लेकर चिंता में हैं वहीं विशाल के बयान ने शिक्षा व्यवस्था और सिस्टम पर एक नई बहस छेड़ दी है।
मेहनती छात्रों के साथ हो रहा अन्याय
विशाल ददलानी ने अपने पोस्ट में सिर्फ गुस्सा ही जाहिर नहीं किया बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी उठाए। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक का सबसे ज्यादा नुकसान उन छात्रों को होता है जो ईमानदारी और मेहनत के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वोट देते समय समझदारी दिखानी चाहिए और ऐसे लोगों को जिम्मेदारी नहीं देनी चाहिए जो युवाओं के भविष्य और शिक्षा की अहमियत को नहीं समझते। विशाल का यह बयान सीधे तौर पर राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही की ओर इशारा करता नजर आया।
सोशल मीडिया पर मिला छात्रों का साथ
विशाल ददलानी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों ने खुलकर उनका समर्थन किया। हजारों यूजर्स ने कमेंट करते हुए कहा कि आखिर कोई बड़ा सेलिब्रिटी छात्रों के दर्द को समझ रहा है। कई लोगों ने लिखा है कि पेपर लीक अब देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बन चुका है और इससे मेहनती छात्रों का भरोसा टूट रहा है। कुछ यूजर्स ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की तो कई लोगों ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की जरूरत बताई।
नीट-यूजी की परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी लेकिन 7 मई को यह बात सामने आई कि गेस पेपर वाले सवाल ही मुख्य परीक्षा में पूछे गए हैं। प्रारंभिक जांच के बाद मामले को तुरंत जांच एजेंसियों को सौंप दिया गया। 8 मई से जांच प्रक्रिया शुरू हुई और 12 मई को इस परीक्षा को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया। अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने री-एग्जाम की नई तारीख 21 जून तय की है।






