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LU में इतिहास का महाकुंभ, 2000 छात्रों ने देखी UP की हजारों साल पुरानी विरासत

लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर पुरातत्व प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, युवाओं में बढ़ी सांस्कृतिक धरोहर को जानने की ललक

लखनऊ, 18 मई 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर इतिहास, संस्कृति और पुरातात्विक विरासत के रंगों से सराबोर नजर आया। राज्य पुरातत्व निदेशालय और एलयू के प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी और व्याख्यान कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को प्रदेश की गौरवशाली ऐतिहासिक धरोहरों से रूबरू कराया।

कार्यक्रम में 2000 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी ने यह बताया कि नई पीढ़ी अब अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत को जानने के लिए गंभीरता से आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. एसएन कपूर ने किया। प्रदर्शनी में लहुरादेवा, जाजमऊ, राजा नल का टीला और मल्हर जैसे महत्वपूर्ण उत्खनन स्थलों के साथ कर्दमेश्वर महादेव मंदिर, मेढक मंदिर और गंगोली शिवाला जैसे राज्य संरक्षित स्मारकों के दुर्लभ छायाचित्र प्रदर्शित किए गए।

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इन तस्वीरों और ऐतिहासिक जानकारियों को देखकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। युवा छात्र-छात्राएं प्रदेश की हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और संस्कृति को करीब से समझते नजर आए। मुख्य अतिथि ने कहा कि संग्रहालय केवल प्राचीन वस्तुओं को सुरक्षित रखने की जगह नहीं हैं बल्कि वे समाज और नई पीढ़ी को इतिहास, संस्कृति और सभ्यता से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।

उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और पुरातात्विक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनने की अपील की। राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक रेनू द्विवेदी ने संग्रहालयों की शैक्षिक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की शुरुआत वर्ष 1977 में मॉस्को में आयोजित आईकॉम की आम सभा के दौरान हुई थी। इसका उद्देश्य लोगों को संग्रहालयों और सांस्कृतिक विरासत के महत्व के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष दुनिया भर में एक विभाजित विश्व को एकजुट करने वाले संग्रहालय विषय के तहत यह दिवस मनाया जा रहा है।

छात्रों के लिए खास अनुभव हुलासखेड़ा का भ्रमण

कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित हुलासखेड़ा उत्खनन स्थल का शैक्षिक भ्रमण रहा। यहां 200 से अधिक विद्यार्थियों को उत्खनन स्थल और निदेशालय की पिक्चर गैलरी का भ्रमण कराया गया। विद्यार्थियों ने पुरातत्व, ऐतिहासिक खोजों और विरासत संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। छात्रों ने इस अनुभव को इतिहास को समझने और महसूस करने का यादगार अवसर बताया।

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