लखनऊ, 19 मई 2026:
यूपी में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल प्रदेश की जनता के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरा है। डिजिटल तकनीक के जरिए शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण ने लोगों का भरोसा सरकारी व्यवस्था पर मजबूत किया है।
प्रदेश के बुजुर्ग, छात्र और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर नहीं हैं। आईजीआरएस पोर्टल के जरिए लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। उसकी प्रगति की जानकारी भी आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। इससे समय की बचत होने के साथ सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ी है।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, पारिवारिक लाभ योजना और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। इसका सीधा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है। समय पर आर्थिक सहायता मिलने से हजारों परिवारों को राहत मिली है और योजनाओं के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ा है।

सरकार की खास पहल यह भी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए ऑफलाइन शिकायत प्रणाली को भी सक्रिय रखा गया है। जिन लोगों के पास इंटरनेट या डिजिटल संसाधनों की सुविधा नहीं है उनकी शिकायतें भी विभागीय स्तर पर दर्ज कर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे गांवों तक सुशासन की पहुंच मजबूत हुई है।
समाज कल्याण विभाग ने नागरिकों की सुविधा के लिए 14568 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। इस हेल्पलाइन के जरिए नागरिक वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति, पारिवारिक लाभ योजना समेत विभिन्न योजनाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पात्र लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की देरी या परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। योगी सरकार की यह व्यवस्था डिजिटल सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इसने आम जनता को सीधे राहत पहुंचाने का काम किया है।






