गोरखपुर/लखनऊ, 20 मई 2026:
योगी सरकार गोरखपुर को चौड़ी और चमचमाती सड़कों वाले शहर के साथ ही कला, संस्कृति और आधुनिक विकास का जीवंत प्रतीक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। स्मार्ट सिटी गोरखपुर में अब मुख्य मार्गों के डिवाइडर नई थीम आधारित प्रतिमाओं और कलात्मक संरचनाओं से सजे नजर आएंगे। योगी सरकार की यह महत्वाकांक्षी परियोजना शहर की पहचान बदलने वाली मानी जा रही है।
एनिमल थीम पर विकसित होगा देवरिया बाईपास मार्ग
नगर निगम की ओर से तैयार इस परियोजना के तहत शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों के डिवाइडरों को अलग-अलग थीम पर विकसित किया जाएगा। कहीं भारतीय वाद्य यंत्रों की विशाल आकृतियां दिखाई देंगी तो कहीं योग मुद्राओं और अध्यात्म से जुड़ी प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनेंगी। देवरिया बाईपास मार्ग को एनिमल थीम पर विकसित कर उसे खास रूप देने की तैयारी है।

इस परियोजना का प्रजेंटेशन सीएम योगी के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। नगर निगम बोर्ड से प्रस्ताव पारित होने के बाद अब काम शुरू होने की प्रक्रिया तेज हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक अगले एक महीने में परियोजना धरातल पर उतरने लगेगी।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का कहना है कि गोरखपुर के डिवाइडर अब सिर्फ हरियाली तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि उन्हें सांस्कृतिक पहचान भी दी जाएगी। उनका मानना है कि आने वाले समय में शहर की सड़कें केवल यातायात का जरिया नहीं बल्कि पर्यटन, कला और आधुनिक विकास का प्रतीक बनेंगी।

पीपीपी मॉडल पर विकसित की जा रही परियोजना
परियोजना को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। चयनित संस्था के निदेशक कृष्ण मोहन के मुताबिक काम शुरू करने से पहले सभी जरूरी एनओसी हासिल कर ली गई हैं। संस्था अगले 30 वर्षों तक परियोजना के अनुरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी। डिवाइडरों पर थीम आधारित प्रतिमाओं के साथ बड़े पैमाने पर फूलों और सजावटी पौधों का रोपण भी किया जाएगा, जिससे शहर की खूबसूरती कई गुना बढ़ेगी।

पैडलेगंज से नौका विहार मार्ग तक लगेंगी वाद्य यंत्रों की थीम पर प्रतिमाएं
प्रथम चरण में पैडलेगंज से नौका विहार मार्ग तक वाद्य यंत्रों की थीम पर प्रतिमाएं लगेंगी। असुरन चौराहा से गुलरिहा तक योग और अध्यात्म आधारित मूर्तियां स्थापित होंगी। यातायात तिराहा से बरगदवा तक अध्यात्म थीम पर डिवाइडर विकसित किए जाएंगे, जबकि देवरिया बाईपास मार्ग को एनिमल थीम से सजाया जाएगा। योगी सरकार की इस नई पहल को गोरखपुर को राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब शहर में प्रवेश करते ही लोगों को आधुनिक, स्वच्छ और सांस्कृतिक गोरखपुर की नई तस्वीर दिखाई देगी।






