बिजनेस डेस्क, 21 मई 2026:
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को शानदार तेजी देखने को मिली। ग्लोबल मार्केट से मिले मजबूत संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीदों ने निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर किया। कारोबार शुरू होते ही बीएसई सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 23,850 के पार पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 627 अंक चढ़कर 75,945 के इंट्राडे हाई तक पहुंचा। वहीं निफ्टी करीब 200 अंकों की तेजी के साथ 23,859 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में खरीदारी का दायरा भी काफी व्यापक रहा।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज हुई। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स करीब 1.5 फीसदी मजबूत हुआ। इसके अलावा सीमेंट, केमिकल, ऑटो, मीडिया, पीएसयू बैंक और मेटल शेयरों में भी अच्छी खरीदारी रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया।
बाजार में डर और उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडिया वीआईएक्स चार फीसदी से ज्यादा टूटकर 18 के करीब आ गया। इससे साफ संकेत मिला कि निवेशकों में घबराहट कम हुई है। बाजार जानकारों का कहना है कि निवेशक अभी भी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपना रहे हैं। विदेशी निवेश और बेहतर ग्लोबल संकेतों से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक दक्षिण कोरिया और ताइवान के एआई लिंक्ड शेयरों में ऊंचे वैल्यूएशन के चलते विदेशी निवेशकों का रुझान भारत की तरफ बढ़ सकता है। उनका मानना है कि भारतीय बाजार के कई सेक्टर्स अभी भी बेहतर वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं, जिससे विदेशी फंड का फ्लो मजबूत रह सकता है।
ग्लोबल बाजारों में भी तेजी का माहौल देखने को मिला। ईरान की तरफ से अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा की खबर आने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा। जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
करेंसी मार्केट में भी रुपये ने मजबूती दिखाई। डॉलर के मुकाबले रुपया 55 पैसे की बढ़त के साथ 96.28 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 96.83 के स्तर पर बंद हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की चाल पर रहेगी। चौथी तिमाही के नतीजे अब तक बेहतर रहे हैं, लेकिन महंगे ईंधन का असर अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दिख सकता है।






