न्यूज डेस्क, 24 मई 2026:
मध्य पूर्व में महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के मध्य एक बड़े समझौते की खबर ने दुनिया की निगाहें अपनी ओर खींच ली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देश 60 दिन के युद्धविराम विस्तार वाले अहम समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। अगर यह डील अंतिम रूप लेती है तो दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जा सकता है। इससे वैश्विक तेल कारोबार और समुद्री व्यापार को बड़ी राहत मिलेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि ईरान के साथ समझौता काफी हद तक तय हो चुका है और जल्द इसका पूरा ब्योरा सामने लाया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि इस डील में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलना भी शामिल है। हालांकि उन्होंने समझौते की शर्तों पर ज्यादा जानकारी नहीं दी लेकिन साफ किया कि किसी भी समझौते में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से पूरी तरह रोका जाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक समझौते के तहत ईरान होर्मुज क्षेत्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने पर सहमत हो सकता है। इसके बदले अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी रोक में ढील देगा और कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देकर ईरान को खुलकर तेल बेचने की अनुमति दे सकता है। माना जा रहा है कि यह कदम वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता ला सकता है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि पिछले एक सप्ताह में दोनों देशों के रुख में नरमी जरूर आई है लेकिन मुख्य मुद्दों पर अभी पूरी सहमति नहीं बनी है। उन्होंने अमेरिका पर विरोधाभासी बयान देने का आरोप भी लगाया। बकाई ने बताया कि ईरान 14 बिंदुओं वाले एक ढांचे के तहत समझौता चाहता है। इसे अगले 30 से 60 दिनों के भीतर आगे की बातचीत के आधार के रूप में तैयार किया जा रहा है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे। इसके बाद पूरे मध्य पूर्व में हालात विस्फोटक हो गए थे। जवाब में ईरान ने इसराइल और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका समर्थित ठिकानों पर हमले किए थे। अप्रैल की शुरुआत में युद्धविराम लागू होने के बाद से ही स्थायी शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है।
ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि उनकी सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के नेताओं से शांति प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है। वहीं शनिवार को उनकी इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से भी फोन पर चर्चा हुई, जिसे उन्होंने बहुत अच्छी बताया।






