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गंगा दशहरा पर उमड़े श्रद्धालु… काशी में गूंजे गंगा मैया के जयकारे, सरयू में लगाई आस्था की डुबकी

श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा के दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा की भव्य आरती हुई, मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के लगे जयकारे, अयोध्या में सरयू के घाटों पर सुबह से ही स्नान करने पहुंचे लोग

विकास गोंड/अनिल निषाद

वाराणसी/अयोध्या, 26 मई 2026ः

आज गंगा दशहरा के पर्व पर वाराणसी और अयोध्या में श्रद्धालु उमड़े। वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और गंगा मैया के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, अयोध्या में सरयू के घाटों पर लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में विविध धार्मिक व आध्यात्मिक आयोजनों का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस विशेष अवसर पर मंदिर के घाट पर मां गंगा की पूजा-अर्चना की गई। वैदिक मंत्रोच्चार व धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां गंगा की भव्य आरती हुई। इसके बाद मां गंगा का विशेष अभिषेक हुआ।

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श्रद्धालुओं ने मां गंगा और बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं का कहना है कि काशी में गंगा दशहरा का विशेष महत्व है। बाबा विश्वनाथ की नगरी में मां गंगा की आराधना करने का अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है। धाम परिसर में स्थापित मां गंगा के विग्रह का भी विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। मंदिर के अर्चकों ने वैदिक मंत्रों के साथ विशेष अनुष्ठान संपन्न कराए गए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा का पर्व पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं।

रामनगरी अयोध्या में गंगा दशहरा पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ा। सुबह से ही सरयू तट के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोगों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ सरयू में आस्था की डुबकी लगाई। सरयू घाटों पर श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार, गंगा पूजन और दान-पुण्य किया। पर्व को लेकर प्रशासन भी सतर्क रहा। मंदिरों और घाटों को विशेष रूप से सजाया गया। गंगा दशहरा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह और भक्ति भाव है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का पुण्य फल मिलता है।

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