प्रमोद कुमार
मलिहाबाद (लखनऊ), 26 मई 2026:
मलिहाबाद के कसमण्डी कला स्थित महाराजा कंसा पासी के किले को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को अखिल भारत हिन्दू महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता किले पर पहुंचे। यहां हनुमान चालीसा पढ़ी गई। वहीं प्रशासन को ज्ञापन देकर किले के भीतर बनी मजार हटाने, नमाज पर पूरी तरह रोक लगाने और शिव मंदिर पासी समाज को सौंपने की मांग उठाई।
महासभा के जगदीश जोशी, अल्का लाल, दीपू जायसवाल, रोहन अरोड़ा, नितिन चतुर्वेदी समेत कई कार्यकर्ता किले में हनुमान चालीसा पाठ करने पहुंचे थे। पुलिस और प्रशासन ने उन्हें किले के भीतर जाने से रोक दिया। इसके बाद सभी लोग किले के बाहर जमीन पर बैठ गए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन एसीपी मलिहाबाद सुजीत दुबे को सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया कि महाराजा कंसा पासी ने अत्याचारी सालार गाजी के कई सेनापतियों को इसी किले से मार गिराया था, ऐसे में यह किला पासी समाज की विरासत और हिन्दू आस्था का प्रतीक है। महासभा ने मांग की कि किले की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और भीतर मौजूद शिव मंदिर का अधिकार पासी समाज को दिया जाए।
संगठन ने यह आरोप भी लगाया कि किले के अंदर मजार बनाकर नमाज पढ़वाई जा रही है। इस मामले में संबंधित मौलाना की गिरफ्तारी की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। ज्ञापन लेने के बाद एसीपी सुजीत दुबे ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को बताया कि एहतियात के तौर पर फिलहाल किला परिसर में पूजा और नमाज दोनों पर रोक लगा दी गई है।

प्रशासन की तरफ से किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रदर्शन के दौरान हिन्दू महासभा कार्यकर्ताओं ने कहा कि किले को सांप्रदायिक अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। उधर, स्थानीय पासी समाज के कुछ लोग भी महासभा के समर्थन में सामने आए हैं।






