लखनऊ, 30 मई 2026:
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को लखनऊ में कहा कि उनकी सरकार बनने पर प्रदेश में 1 रुपये में एमबीबीएस की पढ़ाई कराई जाएगी, जबकि इंजीनियरिंग और वकालत की शिक्षा पूरी तरह मुफ्त होगी। उन्होंने कहा कि पहली कक्षा से 12वीं तक सभी बच्चों को समान शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी पार्टी का प्रमुख संकल्प है।
विधानसभा मार्ग स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अस्थि कलश स्थल पहुंचकर चंद्रशेखर ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने 4 जून से बिजनौर से सत्ता परिवर्तन यात्रा शुरू करने का ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि जैसे भाजपा का संकल्प राम मंदिर था, वैसे ही उनकी पार्टी का संकल्प मुफ्त शिक्षा और युवाओं को रोजगार दिलाना है।
उन्होंने पेपर लीक को संगठित अपराध बताते हुए कहा कि इसके लिए हत्या जैसे मामलों की तरह सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त प्रवेश परीक्षा और गृह जनपद में परीक्षा केंद्र की व्यवस्था की मांग की।
चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी पार्टी का नारा नौकरी दो या कुर्सी छोड़ो है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सभी 403 सीटों पर तैयारी कर रही है। गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को पदोन्नति में आरक्षण दिया जाएगा। अति पिछड़ी जातियों के लिए 15 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने का भी वादा किया।

बिजली और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी हुई है, जबकि कटौती भी जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी दबाव के कारण सरकार को प्रीपेड मीटर योजना वापस लेनी पड़ी। किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि 4 जून को व्यवस्था परिवर्तन दिवस मनाया जाएगा और इसी दिन बिजनौर से सत्ता परिवर्तन यात्रा शुरू होगी। उनके मुताबिक यह सिर्फ राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई है। इस दौरान चंद्रशेखर ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानून व्यवस्था संबंधी दावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को अदालत द्वारा मांगी गई कथित माफियाओं की सूची पर भी जवाब देना चाहिए।
बाबा साहब के अस्थि कलश स्थल को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक स्थान से छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सर्वजन की बात की जाती है तो क्या सभी धार्मिक स्थलों को एक स्थान पर स्थापित किया जा सकता है।






