एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 30 मई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक भूमि हड़पने के लिए रची गई फर्जीवाड़े की साजिश का बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में दो वांछित आरोपियों को मोहनलालगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में प्रॉपर्टी डीलर फुरकान अहमद अब्बासी और अभिषेक यादव शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की सुनियोजित साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार कैसरबाग के ख्यालीगंज निवासी समीर मिर्जा ने दिसंबर में मोहनलालगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अमेठी गांव स्थित उनकी पैतृक भूमि पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध दावा किया जा रहा है। जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद फरीद मिर्जा ने खुद को वादी के दिवंगत चाचा खुसरू मिर्जा का वारिस साबित करने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कराए थे।
जांच में यह तथ्य भी उजागर हुआ कि आरोपी ने अपनी जीवित मां को मृत दर्शाकर उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तक बनवा लिया था। इन दस्तावेजों का उपयोग न्यायालय और अन्य सरकारी पटल पर किया गया। संबंधित विभागों से प्राप्त रिपोर्ट में सभी दस्तावेजों के फर्जी होने की पुष्टि हुई।
पुलिस को बैंक खातों के लेन-देन, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों से यह भी पता चला कि जमीन के सौदों से मिली धनराशि विभिन्न खातों में स्थानांतरित की गई थी। जांच में कई लोगों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया।
इस मामले में पहले ही मुख्य आरोपी मोहम्मद फरीद मिर्जा, मोहम्मद अशफाक मिर्जा उर्फ बाबू मियां तथा कलीम खां को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब पुलिस ने बारादरी चौराहा, कैसरबाग से फरार चल रहे फुरकान अहमद अब्बासी और अभिषेक यादव को दबोच लिया। मोहनलालगंज इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि पैतृक संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से न्यायालय और विभिन्न विभागों को गुमराह करने का प्रयास किया गया था।






