प्रमोद पासी
उन्नाव, 30 मई 2026:
उन्नाव पुलिस ने ट्रक चालक को घायल कर करोड़ों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान की लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने गोदरेज कंपनी के 77 फ्रिज और 40 स्प्लिट एसी से भरे कंटेनर को लूट लिया था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान लूटा गया कंटेनर, 47 फ्रिज, 40 स्प्लिट एसी और अवैध तमंचा बरामद किया है।
बता दें कि लूट की ये वारदात 28 मई को हुई थी। इस मामले को लेकर कानपुर के नौबस्ता निवासी ट्रांसपोर्टर राजेश कुमार गुप्ता ने अजगैन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि आशाखेड़ा से कानपुर जा रहा उनका कंटेनर ट्रक रास्ते में बदमाशों ने लूट लिया। वारदात के दौरान चालक नीरज कुमार को घायल भी किया गया था।
मामले के खुलासे के लिए एसओजी, सर्विलांस और अजगैन थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। जांच में टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसी दौरान पता चला कि बदमाशों ने ट्रक का नंबर बदलकर पहचान छिपाने की कोशिश की थी। कंटेनर पर NL 01 AH 7041 की जगह NE 01 AH 7044 नंबर लगा दिया गया था।
सर्विलांस टीम ने दो मोबाइल नंबर ट्रेस किए, जिनकी लोकेशन ट्रक की आवाजाही से मेल खा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस कुशीनगर के कसया कस्बे स्थित स्वास्तिक ढाबे तक पहुंची और घेराबंदी कर चार आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लूटे गए 77 फ्रिज में से 44 फ्रिज कसया की रोशनी इलेक्ट्रॉनिक्स को बेच दिए गए थे। पुलिस ने दुकान से 32 फ्रिज बरामद किए, जबकि 12 फ्रिज आगे बेचे जा चुके थे। लूटा गया कंटेनर बिहार के मोतिहारी जिले के सुगौली इलाके से बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में ढाबा संचालक विवेक मिश्रा, विकास वाल्मीकि, राजू उर्फ बलिराम सिंह, रोशनी इलेक्ट्रॉनिक्स संचालक अविनाश सिंह और मुख्य आरोपी छोट्टन चौधरी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक छोट्टन चौधरी की तलाश के दौरान सूचना मिली कि वह नवाबगंज इलाके में मौजूद है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सामने गुरुद्वारा रोड पर पुलिस ने घेराबंदी की तो उसने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने अब तक 47 फ्रिज, 40 स्प्लिट एसी और लूटा गया कंटेनर बरामद कर लिया है। कुल 127 बॉक्स कब्जे में लिए गए हैं। बाकी सामान की तलाश जारी है। घटना के खुलासे पर पहले 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया। यह पुरस्कार राशि पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम को दी जाएगी। शुरुआती जांच में गिरफ्तार आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है।






