नई दिल्ली, 8 जून 2026:
इंडिया गठबंधन की अहम बैठक से ठीक पहले राजधानी दिल्ली में छिड़े पोस्टर वॉर ने विपक्षी राजनीति का पारा बढ़ा दिया है। सोमवार को दिल्ली के कई प्रमुख चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे पोस्टर लगाए गए जिनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए गए। इन पोस्टरों के जरिए विपक्षी दलों के ही नेताओं के पुराने बयानों को सामने लाकर यह संदेश देने की कोशिश की गई कि गठबंधन के भीतर राहुल गांधी की स्वीकार्यता को लेकर पहले भी मतभेद रहे हैं।

पोस्टरों में एनसीपी (एसपी) के शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल आदि के पुराने बयान शामिल किए गए थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बैठक से ठीक पहले सामने आए ये पोस्टर विपक्षी एकजुटता की छवि को कमजोर करने का प्रयास हैं।

हालांकि कांग्रेस ने इस मुद्दे को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि उन्होंने ऐसे पोस्टर देखे ही नहीं हैं। दूसरी ओर, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत राहुल गांधी के समर्थन में खुलकर सामने आए। राउत ने कहा कि राहुल गांधी देश के सबसे महत्वपूर्ण, लोकप्रिय और संघर्षशील नेताओं में से एक हैं। उन्होंने राहुल के नेतृत्व पर सवाल उठाने वालों को मूर्ख बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार राहुल गांधी से डरी हुई है।

इधर, इंडिया गठबंधन की बैठक में हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजों और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
दूसरी तरफ बैठक में कुछ अहम सहयोगी दलों की गैरमौजूदगी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए। डीएमके और आम आदमी पार्टी ने बैठक से दूरी बनाए रखी, जबकि तमिलनाडु की राजनीति में प्रभाव रखने वाली विजय की टीवीके भी इसमें शामिल नहीं हुई। विधानसभा चुनावों के दौरान उभरे मतभेदों की छाया अब गठबंधन की बैठकों पर भी दिखाई देने लगी है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सहयोगी दलों की यह दूरी आगे भी बनी रहती है तो आने वाले समय में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल बैठक से पहले छिड़ा पोस्टर विवाद विपक्षी राजनीति में नेतृत्व और एकजुटता की बहस को फिर से केंद्र में ले आया है।






