एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 1 जनवरी 2026:
छेड़खानी के आरोप में पिटाई और अपमान का बदला लेने के लिए एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर पड़ोसी दोस्त की प्लान बनाकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी परिवार के साथ हमदर्द बनकर बेटे को खोजने में भी जुटा रहा। पुलिस और सर्विलांस टीम ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि बीते मंगलवार को मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के मऊ गांव के बाहर नहर किनारे झाड़ियों में डाला चालक अलमास सिद्दीकी (22) का खून से लथपथ शव मिला था। अलमास सोमवार की शाम को घर से निकला लेकिन रात में घर नहीं लौटा। उसका फोन भी बंद आ रहा था। मृतक के पिता रवी मोहम्मद की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली। आखिरी कॉल करने वाले अरमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती के बाद टूट गया और पूरी कहानी सामने आ गई। पूछताछ में अरमान ने बताया कि 25 दिन पहले उसके दोस्त रमजान को मृतक अलमास ने अपने रिश्तेदार के वॉटर प्लांट पर बुलाया था।

वहां रमजान पर फुफेरी बहन से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर परिजनों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी गई थी और सबके सामने बेइज्जत किया गया था। इसी अपमान का बदला लेने के लिए रमजान ने मऊ गांव में ही रहने वाले पड़ोसी अरमान और सूरज रावत के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
योजना के तहत सोमवार शाम पार्टी करने के बहाने अलमास को फोन कर बुलाया गया। दो बाइकों से चारों पहले अतरौली की ओर गए, लेकिन मुनासिब जगह न मिलने पर लौट आए। बाद में मऊ नहर के पास सुनसान जगह देखकर रुके। वहां पुआल जलाने के बहाने जैसे ही अलमास झुका, उसके सिर पर डंडे से वार किया गया। गंभीर हालत में उसे खाई में गिराकर सिर और चेहरे पर कई वार कर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद मोबाइल फोन नहर में फेंक दिया गया और तीनों अपने घर जाकर कपड़े बदलकर सो गए।
हैरानी की बात यह रही कि हत्या के अगले दिन आरोपी अरमान मृतक के परिवार के साथ बेटे को खोजने में लगा रहा। वह परिजनों के साथ कोतवाली भी पहुंचा और शव मिलने की सूचना मिलने पर मौके तक गया। हत्याकांड के खुलासे के बाद परिवार को यकीन ही नहीं हुआ कि पड़ोसी ही बेटे का कातिल निकला।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा, बाइक और नहर से मृतक का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम अलमास का अंतिम संस्कार किया गया। मां मलिका, भाई समीर और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था।






