लखनऊ, 23 नवंबर 2025:
यूपी की राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर सेक्टर-8 चौराहे पर पिछले दिनों हुई रिकवरी एजेंट शशि प्रकाश उपाध्याय की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हत्या की छानबीन के दौरान पुलिस ने रविवार को कमता बस स्टैंड के पास से दो आरोपियों अखिलेश कुमार और प्रिन्स उर्फ अरुण यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरा आरोपी अंगद अभी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस जांच में सामने आया कि शशि प्रकाश और तीनों आरोपी दोस्त थे। लखनऊ में साथ उठते-बैठते थे। शशि का प्रिन्स रूम पार्टनर भी था। दरअसल, शशि ने अंगद को जूता खरीदने के लिए 800 रुपये उधार दिए थे। उनमें से 101 रुपये बाकी थे। 19 नवंबर की रात सभी ने शशि को पैसे लौटाने के बहाने सेक्टर-8 चौराहे पर बुलाया। इसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ी और मामला मारपीट में बदल गया।

डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के अनुसार विवाद के दौरान आरोपियों ने मौके पर पड़े शीशे के टुकड़े से हमला कर दिया, जिससे शशि की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसके बाद तीनों आरोपी वहां से फरार हो गए। शहर छोड़कर भागने की फिराक में थे लेकिन पुलिस ने दो को दबोच लिया।
मृतक शशि प्रकाश (24) मूलरूप से अंबेडकरनगर के राजे सुल्तानपुर का रहने वाला था। इंदिरानगर के रघुराजनगर में अकेले किराए पर रहता था। वह विष्णु एंड कंपनी में लोन रिकवरी एजेंट के रूप में काम करता था। घटना की रात करीब 11 बजे उसका शव घर से केवल 200 मीटर दूर खून से लथपथ हालत में मिला था। पुलिस अब फरार आरोपी अंगद की तलाश कर रही है।






