लखनऊ, 25 मई 2026:
विक्रमादित्य मार्ग का वो रास्ता, जहां कभी प्रतीक यादव अपनी गाड़ियों से गुजरते थे वही सोमवार को श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों से भरा दिखा। घर के बाहर रामधुन बज रही थी, भीतर तेरहवीं संस्कार की रस्में चल रही थीं। आने वाला हर शख्स तस्वीर के सामने कुछ पल ठहर रहा था। माहौल में सियासत से ज्यादा एक परिवार का दुख महसूस हो रहा था। समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के सौतेले बेटे प्रतीक यादव की तेरहवीं में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कारोबारी, पशु प्रेमी और फिटनेस के शौकीन रहे प्रतीक का 13 मई को हार्ट अटैक से निधन हुआ था। वह 38 साल के थे।
सबसे भावुक पल तब आया, जब अपर्णा यादव ने खुद लोगों को पूड़ियां बांटीं। उनके साथ भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी भी खड़े रहे। इसी दौरान भीड़ से प्रतीक यादव के नाम के नारे लगे तो अपर्णा की आंखें भर आईं। उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया और कुछ देर बाद अंदर चली गईं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करीब 20 मिनट तक कार्यक्रम में रहे। उन्होंने प्रतीक यादव की तस्वीर पर फूल चढ़ाए और अपर्णा यादव, उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट और परिवार के लोगों से मुलाकात कर संवेदना जताई। मुख्यमंत्री के पहुंचने के कुछ देर बाद अखिलेश यादव भी विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पहुंचे। समर्थकों की भीड़ उनकी गाड़ी के पीछे दौड़ती नजर आई।
कार्यक्रम में डिंपल यादव, शिवपाल यादव, आदित्य यादव, अक्षय यादव, अर्जुन यादव, नीरज सिंह, रामजी लाल सुमन और लोकगायिका मालिनी अवस्थी समेत कई लोग मौजूद रहे। मालिनी अवस्थी तेज धूप से बचने के लिए साड़ी से सिर ढके नजर आईं।

घर के बाहर और आसपास लगे होर्डिंग्स पर शोक संदेश लिखे गए थे। श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोग प्रतीक यादव को मिलनसार और शांत स्वभाव का बता रहे थे। तेरहवीं संस्कार में शामिल लोगों की भीड़ यह भी बता रही थी कि राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से अलग प्रतीक की अपनी एक पहचान थी। उनके पशु प्रेम, फिटनेस व कारोबार से जुड़े साथी भी इस भीड़ में शामिल थे। बता दें कि प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार 14 मई को लखनऊ के बैकुंठ धाम में हुआ था। मुखाग्नि उनके ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने दी थी। 16 मई को हरिद्वार के वीवीआईपी घाट पर अस्थियां विसर्जित की गई थीं।






