Uttar Pradesh

आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की ग्रोथ की होगी सटीक निगरानी…1.33 लाख स्टेडियोमीटर मिलेंगे

पोषण अभियान को मजबूत करने की तैयारी, तकनीक की मदद से कुपोषण की पहचान और बच्चों के विकास पर नजर

लखनऊ, 13 मार्च 2026:

उत्तर प्रदेश में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को सुनिश्चित करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की लंबाई मापने के लिए एक लाख 33 हजार से अधिक आधुनिक उपकरण स्टेडियोमीटर जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।

इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों की लंबाई का सटीक आकलन किया जा सकेगा। इससे उनके पोषण स्तर की सही जानकारी मिल सकेगी और कुपोषण की पहचान समय रहते संभव हो पाएगी। प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग को बेहतर बनाने के लिए कई आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए हैं। वर्ष 2021 और 2022 के दौरान एक लाख 88 हजार से अधिक स्टेडियोमीटर उपकरण पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

स्टेडियोमीटर की मदद से दो वर्ष से अधिक आयु के बच्चों की लंबाई का सटीक माप लिया जाता है। इससे बच्चों के शारीरिक विकास की नियमित निगरानी हो रही है और जिन बच्चों में कुपोषण के संकेत मिलते हैं, उनकी पहचान कर समय रहते जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार का मानना है कि बचपन में स्वास्थ्य और पोषण की सही देखभाल ही एक मजबूत समाज की नींव रखती है। इसी सोच के साथ आंगनबाड़ी व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के अधिक से अधिक बच्चों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।

तकनीक के सहारे कुपोषण से मुकाबला

प्रदेश में कुपोषण से निपटने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के विकास की निगरानी के लिए आधुनिक ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन उपकरणों के सही संचालन के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारियों और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। उनके माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को भी प्रशिक्षण दिया गया है। इस व्यवस्था से बच्चों के स्वास्थ्य और विकास का वैज्ञानिक तरीके से आकलन हो रहा है।

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