
एंटरटेनमेंट डेस्क, 5 अगस्त 2026:
हिंदी सिनेमा के दमदार अभिनेता प्रदीप सिंह रावत का निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। लंबे समय से ब्लड कैंसर का इलाज करा रहे रावत ने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।
फिल्म ‘लगान’ में उनके साथ काम कर चुके अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए उनके निधन की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, ‘प्रदीप रावत, लगान के देवा के और गजनी के कलाकार को श्रद्धांजलि।’ इसके बाद फिल्म जगत के कई कलाकारों ने भी उन्हें याद किया।
अश्वत्थामा से मिली थी घर-घर पहचान
प्रदीप रावत को सबसे पहले बीआर चोपड़ा के चर्चित धारावाहिक ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा के किरदार से बड़ी पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने छोटे पर्दे पर ‘तहकीकात’, ‘चंद्रकांता’ और ‘युग’ जैसे धारावाहिकों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं। गंभीर व्यक्तित्व और प्रभावशाली अभिनय की वजह से वह हर किरदार में अलग नजर आए।
विलेन के किरदारों से बनाई अलग पहचान
फिल्मों में प्रदीप रावत ने ज्यादातर नकारात्मक भूमिकाएं निभाईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया। आमिर खान की ‘गजनी’ में देवा का किरदार आज भी याद किया जाता है। इसके अलावा ‘लगान’, ‘सरफरोश’, ‘मेरी जंग’, ‘द हीरो: स्टोरी ऑफ ए स्पाई’ और हाल की फिल्म ‘छावा’ में भी उन्होंने अपने अभिनय की छाप छोड़ी।

कई भाषाओं की फिल्मों में किया काम
मध्य प्रदेश के जबलपुर में जन्मे प्रदीप रावत ने सिर्फ हिंदी फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम समेत कई भाषाओं की फिल्मों में काम किया। नेपाली सिनेमा में भी उनकी मौजूदगी रही। निर्देशक चंद्र पंत की फिल्मों ‘आबात आमा’, ‘आबात आमा-2’ और ‘ह्रस्व दीर्घ’ में भी उन्होंने अहम भूमिकाएं निभाईं।

परिवार में पत्नी और दो बच्चे
प्रदीप रावत अपने पीछे पत्नी कल्याणी रावत, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने सैकड़ों फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स में काम किया। मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस, दमदार आवाज और यादगार किरदारों की वजह से उन्हें भारतीय सिनेमा के बेहतरीन चरित्र अभिनेताओं में गिना जाता है।






