
बाराबंकी, 3 मई 2025:
यूपी की राजधानी से सटे बाराबंकी जिले में एक ऐसा भी गांव है जहां रहने वाले लोगों में कोई एक शख्स भी आजादी के बाद हाईस्कूल पास नहीं कर सका। 2025 की बोर्ड परीक्षा में छात्र ‘राम’ ने कमाल कर दिखाया और हाईस्कूल पास कर यहां चल रहे अशिक्षा के वनवास को खत्म कर दिया। डीएम ने आफिस बुलाकर उसे सम्मानित किया।
अहमदपुर टोल प्लाजा के पास बसा है निजामपुर गांव
हम बात कर रहे हैं बाराबंकी जिले की रामसनेहीघाट तहसील के गांव निजामपुर की। बनीकोडर ब्लॉक में अहमदपुर टोल प्लाजा के पास बसे इस गांव में लोग उच्च शिक्षा से दूर ही रहे। कोई सातवीं कोई पांचवीं तक पढ़ सका। कृषि कार्य व अन्य पेशेगत मजबूरियों में साल दर साल बीतते गए लेकिन कोई हाईस्कूल पास नहीं कर सका। जब कभी गांव के चौबारों में इस बात पर चर्चा होती तो वो चर्चा तक ही रह जाती।
किसान जगदीश का बेटा है छात्र रामकेवल
फिलहाल गांव में रहने वाले किसान जगदीश का बेटा राम केवल लगातार पढ़ाई करता रहा। उसकी ललक देख पिता ने उसका एडमिशन राजकीय इंटर कालेज अहमदपुर में करा दिया। इस गांव के राम केवल को कॉलेज तक आने जाने में कभी हिचक नहीं हुई वो लगातार पढ़ता रहा। आखिरकार उसे इस साल सफलता मिल गई। रिजल्ट आए काफी दिन बीत गए।
डीएम ने माता पिता संग छात्र को किया सम्मानित
पहले गांव में चर्चा हुई फिर बात ब्लॉक तक पहुंची और फिर डीएम शशांक त्रिपाठी को जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल अफसरों को निर्देश दिए कि छात्र रामकेवल उसके पिता जगदीश और मां को आफिस बुलाया। यहां डीएम ने माला पहनाकर छात्र का स्वागत किया। उसे उपहार देकर जज्बे को सराहा और एक स्मृति चिन्ह भी दिया।






