Raebareli City

एम्स में राष्ट्रीय कार्यशाला : 100 से अधिक न्यूरोसर्जन जुटे, हाईटेक सर्जिकल तकनीक का मिला प्रशिक्षण

रायबरेली मिनिमली इनवेसिव न्यूरोसर्जरी कोर्स ने कराया कार्यक्रम, सर्जिकल एनाटॉमी व प्रक्रियाओं के दौरान आने वाली चुनौतियों की दी गई जानकारी, विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यान

विजय पटेल

रायबरेली, 19 अक्टूबर 2026ः

यूपी के रायबरेली में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। न्यूरोसर्जरी विभाग की ओर से ‘रायबरेली मिनिमली इनवेसिव न्यूरोसर्जरी कोर्स’ (ARMINC) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से 100 से अधिक न्यूरोसर्जन शामिल हुए। न्यूरोलॉजिकल सर्जन्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (NSSI) के तहत हुए इस आयोजन का उद्देश्य आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का प्रशिक्षण देना और विशेषज्ञों के बीच चिकित्सा ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ाना रहा।
aiims-raebareli-national-workshop-endoscopic-spine-surgery (2)

प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास का मिला अवसर

कार्यशाला में प्रतिभागियों को एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की हाईटेक तकनीकों, सर्जिकल एनाटॉमी और प्रक्रियाओं के दौरान आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशेषज्ञों के व्याख्यान, सर्जिकल वीडियो प्रदर्शन और संवादात्मक चर्चाएं आयोजित की गईं। इसके साथ ही कैडेवरिक हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के जरिए प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास का अवसर मिला। इससे उन्हें सर्जरी की तकनीकी बारीकियों को समझने और अपने कौशल को निखारने में मदद मिली।

ये भी पढ़ें:

कार्यक्रम में कई विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर हुए शामिल

कार्यक्रम में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. राज कुमार व प्रो. कुलवंत सिंह और राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के प्रो. दीपक सिंह, प्रो. प्रकाश नायर व प्रो. शाह वलीउल्लाह प्रमुख रूप से शामिल हुए। इसके अलावा गुरुग्राम, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, दिल्ली और तिरुवनंतपुरम समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञों ने भी सहभागिता की। कार्यशाला में आधुनिक न्यूरोसर्जरी की तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोग पर विचार-विमर्श किया गया।

Advertisement

व्यावहारिक प्रशिक्षण व चिकित्सा शिक्षा के महत्व पर दिया जोर

एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक प्रो. अमिता जैन ने आयोजन टीम को बधाई दी। उन्होंने न्यूरोसर्जरी, एनाटॉमी और फिजियोलॉजी विभागों के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण, विभागीय सहयोग और सतत चिकित्सा शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की शैक्षणिक पहल सर्जिकल विशेषज्ञता बढ़ाने और मरीजों की देखभाल में सुधार लाने में सहायक होती हैं।

ARMINC अनुभव साझा करने के अवसर कराता है उपलब्ध

सचिव डॉ. सुयश सिंह ने बताया कि ARMINC का उद्देश्य न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने के अवसर उपलब्ध कराना है। एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी में छोटे चीरे के माध्यम से रीढ़ से जुड़ी कुछ समस्याओं का उपचार किया जा सकता है। उपयुक्त मरीजों में इससे आसपास के ऊतकों को कम नुकसान पहुंच सकता है और रिकवरी में मदद मिल सकती है। यह कार्यशाला आधुनिक चिकित्सा तकनीकों में विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने की दिशा में एम्स रायबरेली की पहल को दर्शाती है।

ये भी पढ़ें  समारोह में गूंजे मंत्र व आयतें...सामूहिक विवाह में 135 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ

Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link