
लखनऊ, 6 जुलाई 2026:
सपा मुखिया अखिलेश यादव भाजपा और प्रदेश सरकार पर लगातार हमलावर हैं। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर भाजपा को घेरने के साथ ही उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पहले लखनऊ दौरे को लेकर भी तीखे तंज कसे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने लिखा- अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार आए हैं, ‘दर्शन’ करने नहीं जाएंगे? इससे पहले भी उन्होंने नितिन नबीन के दौरे को निशाने पर लेते हुए दावा किया था कि जनता के गुस्से और भाजपा के भीतर की खींचतान का असर उनके स्वागत में साफ दिखाई दिया।

सपा प्रमुख ने कहा कि जनता पूछ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पहले यूपी दौरे में दिखाई दिया सन्नाटा ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ को लेकर जनता के गुस्से का परिणाम था या फिर डबल इंजन की टकराहट का असर। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश भाजपा संगठन जन आक्रोश के डर से घरों में दुबका रहा, नहीं तो स्वागत के लिए कुछ कार्यकर्ता जरूर नजर आते।
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा था कि बेचारे नव-निर्मित अध्यक्ष जी हाथ हिलाने के लिए तरसते दिखाई दिए। आज उन्हें भी पता चल गया होगा कि ‘5’ बड़ा है या ‘7’। मीडिया की वीडियो क्लिप साझा करते हुए उन्होंने दावा किया था कि भाजपा के लिए झंडा उठाने वाले भी नहीं बचे और जो लोग दिखाई दिए वे भी किराये पर लाए गए थे।
सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा की रिटर्न टिकट पहले ही कन्फर्म कर चुकी है। उनके इन बयानों के बाद राम मंदिर चढ़ावा विवाद और भाजपा-सपा के बीच राजनीतिक जुबानी जंग के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।






