लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
यूपी विधानसभा में बुधवार को पेश बजट पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने इसे भाजपा सरकार का विदाई बजट करार देते हुए कहा कि बजट के साथ-साथ भाजपा की भी विदाई तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े दावों और विज्ञापनों के सहारे जनता का ध्यान भटका रही है जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
अखिलेश यादव ने कहा कि बजट से पहले ही जनता का हिसाब साफ है। रोजगार शून्य है, किसान कर्ज में है और नौजवान निराश है। उन्होंने ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के सपने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके लिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को करीब 90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना होगा जबकि मौजूदा स्थिति बेहद कमजोर है। प्रति व्यक्ति आय के मामले में यूपी की तुलना दूसरे राज्यों और देशों से की जाए तो प्रदेश नीचे से दूसरे पायदान पर खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए लेकिन बीते 10 साल में केवल 1 लाख करोड़ ही जमीन पर उतरे हैं। वो भी दिखाई नहीं देते।
अखिलेश ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई जिलों में गलत दवाइयां बांटी गईं। बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है और फूड एडल्ट्रेशन में यूपी नंबर वन बन चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार अपने प्रचार पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च कर सकती है, वह नौजवानों को रोजगार क्यों नहीं दे पा रही है। भाजपा के संकल्प पत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अपने ही वादे भूल चुकी है।
सपा नेता शिवपाल यादव ने बजट को कागजी बताते हुए कहा कि जनता को एक बार फिर सपनों का अमृत पिलाया गया है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि विकास विज्ञापनों में दौड़ रहा है जबकि सड़कों पर गड्ढे आज भी गिनती का इंतजार कर रहे हैं। शिवपाल ने बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए।






