लखनऊ, 12 मार्च 2026:
सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच धर्म, समाज और समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात का दृश्य भी खास रहा। शंकराचार्य के सामने अखिलेश यादव जमीन पर बैठकर बातचीत करते नजर आए।
दो दिन पूर्व लखनऊ पहुंचे शंकराचार्य कृष्णानगर क्षेत्र में प्रवास पर हैं। उनसे मिलने पहुंचे अखिलेश यादव ने सबसे पहले दरवाजे पर मौजूद संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और उनका आशीर्वाद लिया। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वे शंकराचार्य का आशीर्वाद लेने आए थे। उन्होंने कहा कि असली संतों से मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है। जो लोग धर्म के नाम पर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उनका सच अब सामने आएगा।

इस दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग हर अच्छी पहल का विरोध करते हैं। सपा सरकार के समय गरीबों और पशुपालकों के हित में डेयरी और काऊ मिल्क प्लांट की स्थापना की गई थी लेकिन भाजपा सरकार ने उस योजना को बंद करा दिया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पहले भी गायों के संरक्षण और किसानों के हित में काम करती रही है और आगे भी ऐसे फैसले लिए जाएंगे। प्रदेश की राजनीति पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा के दोनों डिप्टी सीएम को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में हुई भाजपा की बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों को डांटकर बाहर कर दिया गया क्योंकि वहां टिकट वितरण को लेकर चर्चा होनी थी।
एलपीजी संकट के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा। अखिलेश ने कहा कि गलत नीतियों के कारण लोगों को गैस की किल्लत का सामना करना पड़ रहा और कई जगह लोग फिर से चूल्हा-भट्ठी जलाने को मजबूर हैं।
वहीं, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अखिलेश यादव दर्शन और सत्संग के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान मुलाकात सिंह यादव के समय की भी कई बातें हुईं। शंकराचार्य ने अपनी यात्रा के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं आया है जबकि अन्य दलों के लोग लगातार मुलाकात कर रहे हैं।






