Uttarakhand

उत्तराखंड: बजट पर गरमाई बहस… खाद्य मिलावट, भूकंप सेंसर व भू-धंसाव पर उठे सवाल

प्रश्नकाल से शुरू हुई कार्यवाही, बजट पर सामान्य चर्चा; सरकार ने योजनाओं को विकासोन्मुख बताया, विपक्ष ने प्रावधानों पर उठाए सवाल

भराड़ीसैंण, 12 मार्च 2026:

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में जारी है। सत्र के चौथे दिन भी सदन में सक्रियता बनी रही। प्रश्नकाल से शुरू हुई कार्यवाही के दौरान विधायकों ने क्षेत्रीय और जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगे। दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। इसके बाद सदन में राज्य बजट पर सामान्य चर्चा कराई गई।विभागवार बजट पर विस्तृत चर्चा कल से शुरू होने की संभावना है। नियम 58 के तहत सूचीबद्ध सवालों पर भी विचार किया गया।

सत्ता पक्ष ने बजट को राज्य के संतुलित और दीर्घकालिक विकास के लिए उपयोगी बताया, जबकि विपक्ष ने कई घोषणाओं और प्रावधानों पर सवाल उठाए। चर्चा के दौरान विकास योजनाएं, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कृषि जैसे मुद्दों पर विस्तार से बहस हुई।

खाद्य मिलावट और जांच व्यवस्था पर सवाल

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खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठा। विधायक बृजभूषण गैरोला ने खाद्य सुरक्षा विभाग में खाली पदों और देहरादून स्थित जांच लैब की स्थिति पर सवाल किया। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 3,311 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिनमें 330 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन मामलों में कानूनी कार्रवाई चल रही है और सभी प्रकरण अदालत में विचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण पूरा हो चुका है और 31 मार्च 2026 से पहले इसका उद्घाटन किया जाएगा।

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विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने ऑनलाइन खाद्य बिक्री और बड़े मॉल तथा सुपरमार्केट में जांच की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री ने कहा कि विभाग सुझावों के आधार पर कार्रवाई करेगा और जांच अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कैंसर नोटिफिकेशन से जुड़े दिशा-निर्देश जारी करने की भी जानकारी दी।

पिथौरागढ़ बेस अस्पताल में भू-धंसाव का मामला

कांग्रेस विधायक मयूख महर ने पिथौरागढ़ के बेस अस्पताल परिसर में भू-धंसाव का मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि निर्माण से पहले भू-वैज्ञानिक सर्वे के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनी। मंत्री ने बताया कि निर्माण से पहले सर्वे कराया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति की जांच के लिए आईआईटी रुड़की से अध्ययन कराया जाएगा। विधायक ने दावा किया कि धंसाव का असर आसपास के इलाके तक पहुंच रहा है। इस पर सरकार ने मौके का निरीक्षण कराने का आश्वासन दिया।

भूकंप सेंसर नेटवर्क पर चर्चा

प्रश्नकाल के दौरान विधायक काजी निजामुद्दीन ने राज्य में लगाए गए भूकंप सेंसरों और उनकी वैकल्पिक बिजली व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगी। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अभी 169 सेंसर लगाए गए हैं और 500 अतिरिक्त सेंसर लगाने की योजना है। इस परियोजना पर करीब 115 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। विपक्ष ने खर्च और व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।

सत्र अवधि बढ़ने के संकेत

इससे पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संकेत दिया था कि जरूरत पड़ने पर विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो रविवार को अवकाश रखकर सोमवार को भी चर्चा जारी रखी जाएगी और विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा।

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