
देहरादून, 8 अगस्त 2026:
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के उत्कृष्ट बुनकरों और हस्तशिल्प कारीगरों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने बिच्छू घास (नेटल फाइबर) से बने पारंपरिक वस्त्र खरीदकर स्थानीय शिल्पकारों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद की ओर से आयोजित किया गया।
उत्तराखंड की पहचान बन रहे पारंपरिक उत्पाद
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बुनकर केवल कपड़े या हस्तशिल्प नहीं बनाते, बल्कि अपनी कला के जरिए उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन को भी आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि हर्षिल की ऊनी शॉल, मुनस्यारी और धारचूला की थुलमा, अल्मोड़ा की ट्वीड, छिनका की पंखी, रंगवाली पिछौड़ा, रिंगाल शिल्प और बिच्छू घास से बने उत्पाद अब देश ही नहीं, विदेशों में भी पहचान बना रहे हैं।

Vocal for Local को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की Vocal for Local और Local to Global पहल से देश के पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान मिली है। उनका कहना था कि उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों की बेहतर Branding और Marketing होने पर यहां के बुनकरों और शिल्पकारों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और मजबूत जगह मिल सकती है।
स्वरोजगार योजना से बढ़े रोजगार के मौके
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 278 बुनकरों और शिल्पकारों को चार करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण दिया जा चुका है। इसके अलावा एक करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी भी उपलब्ध कराई गई है। इससे करीब 834 लोगों को रोजगार मिला है। राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम और हस्तशिल्प क्लस्टर योजनाओं के जरिए आधुनिक मशीनें, डिजाइन, प्रशिक्षण, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और Marketing की सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

प्रशिक्षण, पेंशन और GI Tag पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के बुनकरों को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है। वरिष्ठ शिल्पकारों को पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है, जबकि उत्कृष्ट कारीगरों को राज्य स्तर के पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए उत्तराखंड के उत्पाद देश-विदेश के बाजार तक पहुंच रहे हैं। कई पारंपरिक उत्पादों को GI Tag मिलने से राज्य की अलग पहचान भी मजबूत हुई है।
स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि खरीदारी करते समय स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि हथकरघा या हस्तशिल्प का कोई भी उत्पाद खरीदना केवल सामान खरीदना नहीं, बल्कि एक बुनकर परिवार की आजीविका, एक शिल्पकार के सम्मान और अपनी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना भी है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, विधायक सविता कपूर, सचिव विनय शंकर पांडेय समेत बड़ी संख्या में बुनकर, हस्तशिल्पी, उद्यमी और महिला शिल्पकार मौजूद रहे।






