बाराबंकी, 17 मार्च 2026:
गैस की किल्लत के बीच एक छापेमारी ने गोरखधंधे का पर्दाफाश कर दिया। आवास विकास कॉलोनी में पानी की टंकी के सामने चल रहे उमेश भाई रिपेयरिंग सेंटर में सिलेंडर मिलने के साथ एचपीसीएल की एजेंसी का फर्जी लेटर बरामद हुआ। इस लेटर के जरिए कॉमन सर्विस सेंटर भी चलाया जा रहा था। फिलहाल कोतवाली शहर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग की टीम के छापे में रिपेयरिंग सेंटर से 25 घरेलू गैस सिलेंडर, 3 छोटे कॉमर्शियल सिलेंडर, एक अधोमानक सिलेंडर चूल्हे के साथ, गैस रिफिलर, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और सहायक स्टैंड बरामद हुआ। जांच में पता चला कि 24 सिलेंडर खाली थे, जबकि एक में करीब 10 किलो गैस भरी थी। एक छोटे सिलेंडर में भी करीब ढाई किलो गैस मिली।
पूछताछ में संचालक कृष्णानगर नई बस्ती निवासी उमेश चंद्र ने कबूल किया कि वह बड़े घरेलू सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरकर बेचता था। आरोपी ने खुद को एचपीसीएल वितरक नारायन गैस सर्विस से जुड़े कॉमन सर्विस सेंटर के तौर पर दिखाने के लिए एक समझौता पत्र भी दिखाया। लेकिन जांच में यह कागज फर्जी निकला। गैस एजेंसी ने साफ कर दिया कि उनके साथ कोई समझौता नहीं हुआ है।
जांच टीम को आरोपी के पास सिर्फ तीन घरेलू गैस कनेक्शन की पासबुक मिलीं, जो परिवार के नाम पर थीं। बाकी सिलेंडरों के लिए कोई वैध कागज नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक यहां घरेलू गैस को छोटे सिलेंडरों में भरकर बेचने, ज्यादा कीमत वसूलने और नियमों के खिलाफ स्टॉक रखा जा रहा था। छापेमारी के बाद बरामद सभी सिलेंडर व उपकरण गैस एजेंसी के सुपुर्द कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन की मंजूरी के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया है।






