लखनऊ, 24 मार्च 2026:
यूपी में आत्मनिर्भरता और नारी सशक्तिकरण को लेकर चलाई जा रही सरकारी योजनाएं अब जमीन पर असर दिखाने लगी हैं। योगी सरकार का ‘रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला’ बनाने का विजन ग्रामीण क्षेत्रों में भी साकार होता नजर आ रहा है। लखीमपुर खीरी जिले के ग्राम सिंगहाखुर्द की रहने वाली सोमा गुप्ता इसकी सशक्त मिसाल बनकर उभरी हैं।
सोमा ने वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस आर्थिक सहयोग ने उनके सपनों को नई उड़ान दी। उन्होंने गुड़ कोल्हू उद्योग की शुरुआत की। शुरुआत में सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुआ यह उद्यम आज एक सफल व्यवसाय में बदल चुका है।
उनके उद्योग में सीजन के दौरान प्रतिदिन करीब 18 क्विंटल गुड़ का उत्पादन होता है। इसके लिए सोमा खुद 6 एकड़ जमीन में गन्ने की खेती करती हैं। इसके साथ ही आसपास के किसानों से भी गन्ना खरीदती हैं। इससे न केवल उनका उत्पादन बढ़ा है बल्कि स्थानीय किसानों को भी बाजार मिला है।
सोमा का गुड़ अब सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी सप्लाई हो रहा है। यह उनके उत्पाद की गुणवत्ता और बढ़ती मांग का प्रमाण है। इस व्यवसाय से वह हर महीने 80 से 90 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहीं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। खास बात यह है कि उनके इस उद्योग से क्षेत्र के कई लोगों को रोजगार भी मिला है। इससे गांव की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित कर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर सरकार सब्सिडी भी प्रदान करती है। सोमा की यह सफलता कहानी न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणा है बल्कि यह भी दिखाती है कि सही अवसर और समर्थन मिलने पर गांव की महिलाएं भी उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
READ MORE






