Uttarakhand

राहुल से मिला अंकिता भंडारी का परिवार, धामी सरकार पर साधा निशाना, बोले- VIP मेहमान को क्यों बचाया जा रहा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सुनी पीड़ा, कहा- चार साल बाद भी न्याय की प्रतीक्षा, वनंतरा रिजॉर्ट में थी रिसेप्शनिस्ट, 18 सितंबर 2022 में हुई थी हत्या, तीन आरोपियों को हो चुकी उम्रकैद

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 16 अगस्त 2026ः

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की हत्या के मामले को लेकर सियासत गरमाई हुई है। अंकिता के परिवार ने दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान राहुल ने परिवार को न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। परिवार की पीड़ा सुनने के बाद उन्होंने धामी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घटना के चार वर्ष बाद भी परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। साथ ही मामले में सामने आए कथित ‘वीआईपी’ एंगल पर भी गंभीर सवाल उठाए।

अंकिता का शव चीला नहर से हुआ था बरामद

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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। आरोप है कि कथित वीआईपी मेहमान से जुड़े विवाद के बाद उनकी 18 सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। बाद में अंकिता का शव चीला नहर से बरामद हुआ था। उन्होंने कहा कि इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था, लेकिन आज भी इससे जुड़े कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं।

जांच की प्रक्रिया और घटनाक्रम पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने जांच की प्रक्रिया और घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले रिजॉर्ट के कुछ हिस्सों और अंकिता के कमरे को ध्वस्त किया जाना गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल किया कि मामले में लंबे समय से चर्चा में रहे कथित ‘वीआईपी’ की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर स्थिति अब तक पूरी तरह स्पष्ट क्यों नहीं हो सकी है। आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव के चलते मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सवालों को दबाने का प्रयास किया गया।

दोषियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई

उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार की न्याय की मांग को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष जांच के माध्यम से जवाब सामने आना चाहिए।

सीबीआई कर रही मामले की जांच

बता दें कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अदालत तीन आरोपियों को पहले ही उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। हालांकि, मामले में चर्चित ‘वीआईपी’ एंगल को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं। इसी विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुमति दी थी। इसके बाद सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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