Lucknow City

नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट में अवनीश अवस्थी की सलाह…युवाओं को वैश्विक रोजगार के लिए तैयार करें

समिट में कौशल विकास, उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों ने साझा किया रोडमैप, प्रशिक्षण केंद्रों की गुणवत्ता सुधारने पर चर्चा

लखनऊ, 13 मार्च 2026:

लखनऊ में नेशनल स्किल एंड एजुकेशन समिट का आयोजन किया गया। समिट में सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी समेत सरकार, उद्योग जगत, बैंकिंग क्षेत्र, शिक्षण संस्थानों और कौशल विकास से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भविष्य के रोजगार बाजार को ध्यान में रखते हुए कार्यबल तैयार करने पर विचार साझा किए।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की समिट में शामिल मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक कौशल देने के लिए लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि बदलते समय में प्रशिक्षण की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

प्रशिक्षण केंद्रों की गुणवत्ता व समिति के गठन पर जोर

अवनीश अवस्थी ने सुझाव दिया कि कौशल विकास केंद्रों की निगरानी को मजबूत करने के लिए प्रत्येक मंडल में एक समिति गठित की जाए। इस समिति में सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। यह समिति प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर उनकी गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।

WhatsApp Image 2026-03-13 at 10.39.45 AM

सिंगापुर-जापान दौरे का जिक्र किया

उन्होंने अपने सिंगापुर और जापान दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति और कौशल विकास की संभावनाओं को प्रमुखता से रखा गया है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सभी कौशल केंद्रों की जानकारी, पाठ्यक्रम, प्रशिक्षुओं की संख्या, प्रमाणपत्र और रोजगार की संभावनाओं से जुड़ा पूरा विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाए।

शिक्षा और कौशल का तालमेल जरूरी

समिट में प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि आज के समय में शिक्षा और कौशल विकास को साथ लेकर चलना जरूरी हो गया है। उनका कहना था कि केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं में उसे व्यवहार में लागू करने की क्षमता भी विकसित करनी होगी।

युवाओं को कई क्षेत्रों में मिल रहा प्रशिक्षण

कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेश में 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें राज्य कौशल योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और प्रोजेक्ट प्रवीण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण भागीदारों के लिए ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई है और एक डिजिटल लर्निंग पोर्टल भी तैयार किया गया है।

WhatsApp Image 2026-03-13 at 10.39.44 AM

इस पोर्टल पर युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 30 से अधिक क्षेत्रों और करीब 500 जॉब रोल में प्रशिक्षण की सुविधा दी जा रही है। समिट के दौरान उद्योग, शिक्षा और बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भी कौशल विकास, रोजगार सृजन और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में डिजिटल लर्निंग पत्रिका के नए संस्करण का भी विमोचन किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button