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Deepotsav : अयोध्या में 2100 ड्रोन से आसमान में साकार होगी रामायण, विदेशी राजनयिक भी बनेंगे साक्षी

CM योगी ने की तैयारियों की समीक्षा, लाखों दीपों से जगमगाएगी रामनगरी, 35 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे आयोजन की जिम्मेदारी, 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की सहभागिता प्रस्तावित

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026:

रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव के 10वें आयोजन को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उच्चाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि राम की पैड़ी सहित संपूर्ण अवधपुरी को पिछले वर्ष की तरह लाखों दीपों से रोशन किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में शुरू हुआ दीपोत्सव आज वैश्विक पहचान हासिल कर चुका है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और जनआस्था का भव्य उत्सव बनेगा।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और अतिथियों की सुविधा, सुरक्षा, सुगम आवागमन, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोजन की धार्मिक गरिमा, सांस्कृतिक परंपरा और भव्यता के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं।

तीन चरणों में होगा दीपोत्सव

अधिकारियों के मुताबिक दीपोत्सव तीन प्रमुख चरणों में आयोजित होगा। पहले चरण में साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें रामायण के प्रसंगों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रभु श्रीराम के जीवन आदर्शों को दर्शाया जाएगा। दूसरे चरण में रामकथा पार्क में प्रभु श्रीराम और माता सीता के प्रतीकात्मक आगमन, भरत मिलाप और श्रीराम के राज्याभिषेक से जुड़े कार्यक्रम होंगे।

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तीसरे चरण में सरयू आरती, दीप प्रज्ज्वलन, राम की पैड़ी पर 200 कलाकारों की प्रस्तुतियां, लेजर शो और 3डी प्रोजेक्शन आकर्षण का केंद्र होंगे। आकाश में 2,100 स्वदेशी ड्रोन रामायण आधारित भव्य प्रस्तुति देंगे। गोंडा पुल के समीप हरित आतिशबाजी और अंतरराष्ट्रीय रामलीलाओं का मंचन भी प्रस्तावित है।

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पांच करोड़ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य

आयोजन में करीब 35 हजार स्वयंसेवक भाग लेंगे। सरयू आरती में 2,147 प्रतिभागियों की सहभागिता प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, असम, राजस्थान, बिहार, केरल, गोवा और तेलंगाना के करीब 1,000 कलाकार लोककलाओं और नृत्य परंपराओं की प्रस्तुतियां देंगे। 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों की सहभागिता भी प्रस्तावित है। भारत में तैनात विदेशी राजदूतों और विदेशों में तैनात भारतीय राजनयिकों को आमंत्रित किया जा रहा है। डिजिटल माध्यमों से दीपोत्सव को पांच करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पदाधिकारियों और संतों के साथ समन्वय बनाकर तैयारियों को अंतिम रूप देने तथा स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों का सहयोग लेने को कहा। उन्होंने 26 अक्टूबर को प्रस्तावित महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सभी जिलों के मंदिरों में वाल्मीकि रामायण का अखंड पाठ, रामायण आधारित प्रस्तुतियां और चित्रकला गतिविधियां आयोजित कराने के निर्देश भी दिए।

चित्रकूट के रामघाट का होगा पुनर्विकास

बैठक में चित्रकूट के रामघाट के विकास पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का प्राथमिकता के आधार पर पुनर्विकास कराने, दुकानों के व्यवस्थित पुनर्वास, नालों की मरम्मत और तुलसी चबूतरे का विकास तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व और जनभावनाओं का ध्यान रखा जाए। इसके साथ भविष्य में बाढ़ की आशंका और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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