घंटों टस से मस नहीं हुई इंटरसिटी एक्सप्रेस, इंजन ने दिया जवाब, दूसरे साधनों से निकले तमाम पैसेंजर
पहिया लॉक होने से करीब चार घंटे तक खड़ी रही ट्रेन, दूसरा इंजन आने में लगे साढ़े तीन घंटे, यात्रियों ने जताई नाराजगी

गोरखपुर, 24 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से लखनऊ के गोमतीनगर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस रास्ते में ही फंस गई। मानीराम स्टेशन पर ट्रेन के इंजन का एक्सेल लॉक होने से पहिए ने काम करना बंद कर दिया। चालक दल ने इंजन को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद ट्रेन को खड़ा करना पड़ा। करीब साढ़े तीन घंटे बाद गोरखपुर से दूसरा इंजन भेजा गया। पुराने इंजन को हटाने और नया इंजन जोड़ने की प्रक्रिया में भी समय लगा। इस दौरान यात्री ट्रेन में फंसे रहे, जबकि कुछ लोग उतरकर दूसरे साधनों से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
मानीराम पहुंचते ही थम गई ट्रेन
गोरखपुर जंक्शन से गोमतीनगर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस (15081) अपने निर्धारित समय दोपहर 12:40 बजे रवाना हुई थी। ट्रेन मानीराम स्टेशन पहुंची तो अचानक रुक गई। शुरुआत में ट्रेन के आगे नहीं बढ़ने की वजह स्पष्ट नहीं थी। चालक दल ने काफी प्रयास किया, लेकिन ट्रेन अपनी जगह से नहीं हिली। इसके बाद चालक नीचे उतरे और इंजन की जांच की। पड़ताल में पता चला कि इंजन का एक्सेल लॉक हो गया है। इस खराबी के चलते पहिया आगे नहीं घूम पा रहा था। इंजन में आई तकनीकी खराबी की जानकारी कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद दूसरा इंजन भेजने की व्यवस्था शुरू हुई।
गोरखपुर से इंजन भेजने में हुई देरी, ट्रेन में बैठे यात्री परेशान
इंजन में खराबी आने के बाद यात्रियों को ट्रेन के दोबारा चलने का इंतजार करना पड़ा। गोरखपुर से मानीराम की दूरी ज्यादा नहीं होने के बावजूद दूसरा इंजन पहुंचने में करीब साढ़े तीन घंटे लग गए। इस दौरान ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही। यात्रियों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि ट्रेन कब तक रवाना होगी। मानीराम स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर काम चलने के कारण केवल दो रेल लाइनें चालू थीं। इस वजह से दूसरा इंजन भेजने में भी परेशानी आई। रेलवे कर्मचारियों को इंजन पहुंचाने के लिए उपलब्ध रेल लाइनों के बीच व्यवस्था बनानी पड़ी।
पुराने इंजन को हटाने में भी लगा समय, नया जोड़ने के बाद शाम पांच बजे रवाना हुई ट्रेन
दूसरा इंजन मानीराम पहुंचने के बाद खराब इंजन को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद नए इंजन को ट्रेन से जोड़ा गया। इस काम में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। इंजन जोड़ने के बाद जरूरी जांच की गई, जिसके बाद ट्रेन को आगे रवाना करने की तैयारी पूरी हुई। इंटरसिटी एक्सप्रेस आखिरकार शाम पांच बजे गोमतीनगर के लिए रवाना हुई। दोपहर में गोरखपुर से निकली ट्रेन को अपने सफर के बीच ही कई घंटे रुकना पड़ा। इंजन की खराबी के चलते यात्रियों को हुई परेशानी का असर पूरे सफर पर पड़ा।
तमाम यात्रियों ने बीच रास्ते छोड़ी ट्रेन, दूसरे साधनों से लखनऊ रवाना
ट्रेन के लंबे समय तक मानीराम स्टेशन पर खड़े रहने से यात्रियों की परेशानी बढ़ती गई। जिन लोगों को लखनऊ पहुंचना था, उन्हें अपनी आगे की यात्रा को लेकर चिंता होने लगी। ट्रेन कब चलेगी, इसे लेकर यात्री स्टेशन पर जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। लोगों का कहना था कि गोरखपुर पास में होने के बावजूद दूसरा इंजन पहुंचने में तीन घंटे से ज्यादा का समय लग गया। ट्रेन के दोबारा चलने का इंतजार लंबा होने पर कुछ यात्रियों ने उसमें सफर जारी रखने के बजाय मानीराम में ही उतरने का फैसला किया। वे दूसरे साधनों से लखनऊ के लिए रवाना हो गए, जबकि बाकी यात्रियों को ट्रेन के चलने का इंतजार करना पड़ा।






