रामनगरी में दीपोत्सव की तैयारियां तेज, सरयू तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन
35 हजार स्वयंसेवकों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी, राम की पैड़ी पर सजेंगे 30 लाख से अधिक दीपक, घाटों पर दीप रखने के लिए मार्किंग का काम शुरू, कुलपति बोले- आयोजन की रूपरेखा की जा रही तैयार

अनिल निषाद
अयोध्या, 23 अक्टूबर 2026ः
यूपी के अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। दीपोत्सव के सफल आयोजन की कामना के साथ शुक्रवार को सरयू तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया गया। इस दौरान मां सरयू का आह्वान कर दीपोत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने की प्रार्थना की गई। कुलपति प्रोफेसर बिजेंद्र सिंह ने बताया कि दीपोत्सव को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से काफी पहले से तैयारियां की जा रही हैं।
शहर के प्रमुख स्थानों को दीयों से सजाया जाएगा
कुलपति ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने का काम चल रहा है। भूमि पूजन के साथ आयोजन की औपचारिक शुरुआत हो गई है। इस बार सरयू तट के विभिन्न घाटों, राम की पैड़ी और अयोध्या के अन्य प्रमुख स्थानों पर दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित स्थानों पर दीप सजाने से लेकर स्वयंसेवकों की तैनाती तक की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
दीपोत्सव को दिया जाएगा भव्य स्वरूप
दीपोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए करीब 35 हजार स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। इतने बड़े स्तर पर स्वयंसेवकों की भागीदारी को देखते हुए घाटों पर दीप सजाने, निर्धारित स्थानों पर दीपों की व्यवस्था करने और कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, सरयू तट के घाटों पर 30 लाख से अधिक दीपक सजाने का लक्ष्य रखा गया है। दीपों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से तैयारियों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है।
स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरू
दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रोफेसर संत शरण मिश्र ने बताया कि आयोजन के लिए करीब 10 लाख दीये स्टोर में पहुंच चुके हैं। शेष तैयारियों को भी निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। घाटों पर दीप रखने के लिए मार्किंग का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन दीपोत्सव के आयोजन को व्यवस्थित बनाने के लिए स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण, दीपों की उपलब्धता और घाटों पर तैयारियों पर विशेष ध्यान दे रहा है।






