Lucknow News : गन्ना संस्थान में टिकैत की हुंकार, गन्ने के दाम से वोट तक सरकार को घेरा
संस्थान का गेट बंद होने पर भड़के टिकैत, महापंचायत से आंदोलन का ऐलान, बोले- गन्ने का भुगतान अटका, चीनी के बढ़ते दाम का किसानों को फायदा नहीं

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में गन्ने का दाम बढ़ाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (BKU) की महापंचायत में राकेश टिकैत ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर धान, गन्ने, चंदे से लेकर वोट की चोरी तक के आरोप लग रहे हैं। टिकैत ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल रहा, जबकि चीनी की कीमत बढ़ने के बावजूद गन्ना किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
चीनी के दाम बढ़े, किसान को फायदा नहीं
राकेश टिकैत ने कहा कि गन्ना किसानों का पिछले साल का भुगतान अब तक अटका हुआ है। गन्ने का भाव भी किसानों की उम्मीद के मुताबिक नहीं है। चीनी के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन इसका फायदा गन्ना उत्पादकों तक नहीं पहुंच रहा। फसलों की कीमत कम मिलने के साथ किसानों को जमीन अधिग्रहण के खिलाफ भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हाईवे निर्माण से लेकर इंडस्ट्रियल जोन बनाने तक के लिए जमीन ली जा रही है, लेकिन सर्किल रेट बढ़ाए बिना जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। टिकैत ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने के सरकारी दावे पर भी सवाल उठाए।

सरकार पर लगाए चोरी के आरोप
महापंचायत में राकेश टिकैत ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धान, गन्ने, मंदिर, चंदे से लेकर वोट तक की चोरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में कार्रवाई की व्यवस्था भी सरकार के प्रभाव में है। टिकैत ने कहा कि जज, वकील, पुलिस से लेकर जांच अधिकारी तक उन्हीं के हैं।
गौरव टिकैत बोले, लागत बढ़ी लेकिन दाम नहीं
भाकियू युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। वर्ष 2022 में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन किसान अब भी आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं।

गेट बंद होने पर रातभर धरने पर बैठे किसान
लखनऊ के गन्ना संस्थान परिसर में आयोजित महापंचायत में सैकड़ों किसान पहुंचे। इनमें बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल हैं। किसानों ने राकेश टिकैत का फूल बरसाकर स्वागत किया। महापंचायत के लिए किसान गुरुवार से ही लखनऊ पहुंचने लगे थे, लेकिन अनुमति नहीं मिलने की जानकारी के बाद नाराजगी बढ़ गई। गन्ना संस्थान का गेट बंद होने पर राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसान रात में ही गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए गेट खोलने की मांग की।
किसानों के तेवर देख प्रशासन को खोलना पड़ा गेट
मामला बढ़ने पर प्रशासन ने महापंचायत की अनुमति दे दी। शुक्रवार सुबह गेट खुलने के बाद राकेश टिकैत किसानों के साथ परिसर में पहुंचे। टिकैत ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही थी। उन्होंने यूपी के सभी जिला मुख्यालयों पर भी धरना-प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया था।






