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अयोध्या को मिलेगा 300 बेड का हाईटेक अस्पताल… मार्च तक पूरे हो जाएंगे राम मंदिर से जुड़े निर्माण कार्य

राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक में पहुंचे अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के मुताबिक कैंसर अस्पताल के निर्माण को लेकर लिए जाएंगे अहम निर्णय, शहीद कारसेवकों की स्मृति में बन रहे हुतात्मा स्मारक का निर्माण कार्य अंतिम चरण में

अयोध्या, 4 जनवरी 2026:

रामनगरी में राम मंदिर भवन निर्माण समिति की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे हैं। बैठक का मेन फोकस राम मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति के साथ-साथ श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों के लिए स्वास्थ्य एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर है। इस बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष भी भाग ले रहे हैं।

इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर से जुड़े सभी निर्माण कार्य मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था एलएंडटी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज की ओर संचालित परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी की जा रही हैं। जो निर्माण कार्य अब तक पूरे हो चुके हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बैठक में अयोध्या में प्रस्तावित 300 बेड के अत्याधुनिक चिकित्सालय और टाटा फाउंडेशन द्वारा प्रस्तावित कैंसर अस्पताल के निर्माण को लेकर अहम निर्णय लिए जाएंगे। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अयोध्या के स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह स्वास्थ्य ढांचा भविष्य में अयोध्या को एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। More: thehohalla news

इसके अलावा राम मंदिर परिसर में शहीद कारसेवकों की स्मृति में बन रहे हुतात्मा स्मारक का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सामान रखने के लिए बनाए जा रहे हॉल का निर्माण भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। वहीं, पुराने स्मारक के रूप में जिस अस्थायी मंदिर में पहले रामलला विराजमान थे, उसका निर्माण कार्य भी मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।

उधर, अयोध्या में 45 दिनों तक चलने वाले माघ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बीच समन्वय बैठकें की गई हैं।

माघ मेले के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दर्शन कतारों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई गई है। आठ से दस कतारों के माध्यम से श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। हटाई गई रेलिंग को दोबारा लगाया जाएगा और जिग-जैग रेलिंग की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। गर्भगृह में दर्शन कतारों की संख्या चार से बढ़ाकर सात की जाएगी, जिससे भीड़ का दबाव संतुलित रहेगा और श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रवेश और निकास मार्ग पूरी तरह अलग रखे जाएंगे जिससे अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।

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