
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 14 जुलाई 2026ः
बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमाई हुई है। कांग्रेस लगातार धामी सरकार पर हमला कर रही है। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस मामले में बीकेटीसी अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया। गोदियाल ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। साथ ही उन्होंने सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि बीकेटीसी अध्यक्ष अपने कार्यकाल की कथित गड़बड़ियों को छिपाने के लिए उनके ऊपर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की गिनती के दौरान नियमों की अनदेखी की गई। मंदिर समिति के अध्यक्ष से जुड़े किसी व्यक्ति की ड्यूटी गिनती में नहीं लगाई जानी चाहिए थी, लेकिन आरोपी को निजी सचिव के साथ-साथ प्रोटोकॉल अधिकारी और गणना की भी जिम्मेदारी दी गई। यही कारण है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
गोदियाल ने बीकेटीसी के अध्यक्ष रहते हुए पौड़ी जनपद में एक मंदिर का निर्माण एवं टिहरी जनपद के प्रतापनगर में सड़क बनवाने के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मंदिर बनवाना कोई अनैतिक कार्य नहीं है। बिनसर मंदिर का निर्माण स्थानीय लोगों की मांग पर कराया गया था, जिस पर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में केवल लगभग नौ लाख रुपये खर्च हुए थे। इसके बाद भाजपा सरकार ने ही इस कार्य को आगे बढ़ाया। ऐसे में अब उसी निर्माण को गलत ठहराना राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।
उन्होंने नियुक्तियों और नियमितीकरण के मुद्दे पर कहा कि उनके कार्यकाल में न कोई नई नियुक्ति हुई और न ही किसी कर्मचारी का नियमितीकरण किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमितीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2010 में शासन को भेजा गया था और उनके कार्यकाल में केवल उस प्रस्ताव को शासन स्तर पर मंजूरी मिली। प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि उनके कार्यकाल में कोई अनियमितता हुई थी तो पिछले नौ वर्षों में उसकी जांच क्यों नहीं कराई गई।






