बाराबंकी, 8 जनवरी 2026:
शादी का झांसा देकर एक युवती ने जाल बिछाया, गलत नाम बताकर युवक से संपर्क कर भरोसे में लिया और शादी की तैयारी के नाम पर जेवर, कपड़े, मोबाइल व मेकअप की शॉपिंग कराई। बाद में मंदिर में शादी के लिए पहुंचे यहां उसे पीला कपड़ा लाने को भेज दिया गया और महिला अपने साथियों संग फरार हो गई। पुलिस महिला को रसूखदार बताकर मामला भूल जाने की सलाह देती रही। परेशान होकर युवक ने कोर्ट की शरण ली तब जाकर एफआईआर दर्ज हुई।
ये फ्रॉड कोतवाली शहर के ग्राम गदिया निवासी संदीप कुमार के साथ हुआ। इसकी शुरुआत सितंबर 2025 में हुई। उसके मोबाइल पर एक अननोन नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम अमृता यादव निवासी अयोध्या बताया। बातचीत बढ़ी तो उसने शादी का प्रस्ताव रखा और अपनी फोटो भेजी। विश्वास दिलाने के लिए महिला ने अमृता सिंह यादव नाम का आधार कार्ड भी भेजा।

26 सितंबर 2025 को महिला एक अन्य महिला और एक आदमी के साथ बाराबंकी पहुंची। बस स्टैंड पर मिलने के बाद युवक से शादी की तैयारी के नाम पर जेवरात, कपड़े, मोबाइल और मेकअप का सामान खरीदवाया गया। करीब 55 हजार की शॉपिंग हुई। जिसमें कुछ भुगतान नकद और कुछ यूपीआई से किया गया। मोबाइल और जेवरात की रसीदें भी बनवाई गईं।
खरीदारी के बाद सभी लोग शहर के व्यस्त धनोखर चौराहे स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे। वहां महिला ने युवक को पीले रंग का कपड़ा लाने भेजा। जब युवक वापस लौटा तो महिला और उसके साथी वहां से गायब थे। इसके बाद युवक का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया गया।
महिला की धोखेबाजी से नाराज संदीप खुद पड़ताल करता रहा तो पता चला कि महिला का असली नाम आरती देवी है और वह बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। युवक का दावा है कि यूपीआई ट्रांजैक्शन की रसीद में महिला का असली नाम दर्ज है। साथ ही दुकानों और मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी पूरी घटना रिकॉर्ड है।

संदीप ने आरोप लगाया कि वो मजदूर पेशा है। शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने उसके मुकदमा दर्ज नहीं किया और उसे मामले को भूल जाने की सलाह दी। ये भी कहा कि वी कई पुलिस अफसरों व नेताओं की परिचित है। महिला तुम्हें यौन व हरिजन उत्पीड़न के फर्जी मामले में फंसा देगी। थक-हारकर युवक ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कर जांच की गुहार लगाई। फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।






