Barabanki City

बाराबंकी में Slab Collapse: बिना पिलर डाली जा रही स्लैब ढही, मलबे में दबे 9 मजदूर, एक की मौत

निर्माण के दौरान शटरिंग की बल्लियां खिसकने से भरभराकर गिरी स्लैब, ल पहले हाथों से हटाया गया मलबा फिर पहुंचीं बचाव टीमें, कई घायल अस्पताल में भर्ती, हाईवे पर लंबा जाम लगा, निर्माण की अनुमति और नक्शे के साथ मजदूरों के सुरक्षा उपकरणों पर भी उठे सवाल

बाराबंकी, 28 जून 2026:

बाराबंकी के हैदरगढ़ में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे किनारे बन रहे एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में बड़ा हादसा हो गया। स्लैब की ढलाई के दौरान पूरी शटरिंग अचानक बैठ गई और भारी कंक्रीट का हिस्सा मजदूरों पर गिर पड़ा। हादसे में नौ मजदूर मलबे में दब गए। रेस्क्यू के बाद मजदूरों को बाहर निकाला गया, जिनमें नौशाद अली की मौत हो गई। बेबसी व लापरवाही का आलम ये था कि मलबे को फावड़े और हाथों से हटाया जाता रहा। मजदूरों के सिर पर हेलमेट तक नहीं थे।

जानकारी के मुताबिक हैदरगढ़ तहसील के सामने हाईवे से सटी जमीन पर कॉम्प्लेक्स का निर्माण लखनऊ के केपी सिंह द्वारा कराया जा रहा है। शनिवार शाम स्लैब और बीम की एक साथ ढलाई हो रही थी। करीब 25 फीट चौड़ी और 60 फीट लंबी स्लैब के बीच कोई पिलर नहीं बनाया गया था। पूरा भार शटरिंग की बल्लियों पर था। इसी दौरान वाइब्रेटर चलने से बल्लियां खिसक गईं और पूरी स्लैब नीचे आ गिरी।
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हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद लोग हाथों से मलबा हटाने लगे जहां हाथों की ताकत काम नहीं आई वहां फावड़े आए कंक्रीट हटाई गई। हालांकि बाद में पहुंची एसडीआरएफ की दो टीमों, दमकल कर्मियों और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला।

घायलों में रामहेत, रामसुख, भाईलाल, रामलखन, प्रदीप, सर्वेश कुमार, टिंकू, जमुना प्रसाद, मुकेश कुमार और देशराज समेत कई मजदूर शामिल हैं। सभी को पहले हैदरगढ़ सीएचसी पहुंचाया गया। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। त्रिवेदीगंज निवासी नौशाद अली ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

हादसे के चलते लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने रेस्क्यू में बाधा न आए, इसके लिए कुछ समय तक यातायात रोक दिया। करीब ढाई घंटे तक सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे।

हादसे के बाद निर्माण कार्य की वैधता पर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रारंभिक जांच में नगर पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण के लिए न तो कोई स्वीकृत मानचित्र मिला है, न ही जरूरी अनुमति के दस्तावेज सामने आए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि हाईवे किनारे निर्माण के लिए जरूरी मंजूरी ली गई थी या नहीं। मौके पर पहुंचे डीएम ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि स्लैब गिरने के कारणों की जांच कराई जाएगी। अगर निर्माण में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन मिला तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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