अयोध्या, 29 फरवरी 2026:
भदरसा गांव के चर्चित गैंगरेप मामले में अदालत का ने आज फैसला सुना दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निरुपमा विक्रम की अदालत ने समाजवादी पार्टी से जुड़े बेकरी मालिक मोईद खान के नौकर राजू खान को दोषी पाते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। बता दें कि मोईद को एक दिन पहले सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया था।
बता दें कि गुरुवार को यह फैसला पॉक्सो प्रथम न्यायालय में सुनाया गया। अदालत ने 14 जनवरी को अंतिम सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। एक दिन पहले बुधवार को मोईद खान और राजू खान को जेल से कोर्ट में पेश किया गया था। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट में मोईद खान का डीएनए नेगेटिव पाया गया, जबकि राजू खान का डीएनए पीड़िता से मैच हुआ। अदालत ने डीएनए रिपोर्ट सहित सभी साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद मोईद खान को दोषमुक्त कर दिया।

आज गुरुवार को कोर्ट ने दोषी पाए गए राजू खान पर आरोपों की सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सजा का फैसला सुनाया। हालांकि, बरी होने के बावजूद मोईद खान फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएगा। उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही है।
क्या था पूरा मामला
पूराकलंदर थाना क्षेत्र के भदरसा गांव की एक नाबालिग लड़की की मां ने 29 जुलाई 2024 को सपा नेता मोईद अहमद और उनके नौकर राजू खान के खिलाफ गैंगरेप व धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। किशोरी के गर्भवती होने के बाद घटना का खुलासा हुआ था। मामले के सामने आते ही इलाके में सियासी और प्रशासनिक हलचल मच गई थी। पीड़ित परिवार व एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।
विपक्षी दलों की ओर से भी तीखी प्रतिक्रियाएं आईं और मामला विधानसभा तक पहुंचा। सपा नेताओं की आरोपी मोईद के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद विवाद और गहराया। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर भी चलाया था।






