लखनऊ, 29 जनवरी 2026:
सर्दियों के मौसम के स्थिर होने और वार्षिक परीक्षाओं से पहले शैक्षणिक सत्र के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) की ‘लखनऊ दर्शन’ बस छात्रों के लिए एक प्रभावी शैक्षणिक अनुभव के रूप में उभर रही है। कल और आज कक्षा 6 और 7 के 100 से अधिक छात्रों ने अपने विद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत शहर भ्रमण में भाग लिया।
सुबह के समय संचालित लखनऊ दर्शन बस के माध्यम से छात्रों ने शहर की प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और संस्थागत धरोहरों का समयबद्ध और संरचित तरीके से भ्रमण किया। इस यात्रा ने छात्रों को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर इतिहास और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर दिया जो आमतौर पर इस समय पुनरावृत्ति और अनुभवात्मक गतिविधियों पर केंद्रित रहता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पहल आज की युवा पीढ़ी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि लखनऊ दर्शन बस को ‘लिविंग स्मार्ट क्लासरूम’ के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां कहानियों, अवलोकन और अनुभव के माध्यम से सीखना होता है। हमारे स्टोरीटेलर गाइड केवल इतिहास नहीं बताते बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन, लोकतांत्रिक मूल्य, संस्कृति, खानपान और शहर के विकास को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं।
यात्रा का सबसे खास और यादगार पड़ाव उत्तर प्रदेश विधान सभा रहा जहां छात्रों को मुख्य सदन देखने का दुर्लभ अवसर मिला। 28 जनवरी को छात्रों ने विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों और विधान सभा के इतिहास से अवगत कराया। इस अनुभव को छात्रों ने अविस्मरणीय बताया। छात्र अथर्व ने कहा कि पुस्तकों में पढ़ी लोकतंत्र की बातें सदन को देखकर वास्तविक रूप में समझ आईं।

पर्यटन विभाग ने शैक्षणिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छात्रों को टिकट दरों में 20 प्रतिशत की विशेष छूट भी दी। पूरी यात्रा के दौरान छात्रों के लिए जलपान, स्मृति चिह्न और संवादात्मक मार्गदर्शन की व्यवस्था रही। शिक्षकों के अनुसार इस भ्रमण ने न केवल छात्रों की समझ बढ़ाई, बल्कि शहर और देश के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत किया। अपर मुख्य सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति, अमृत अभिजात ने कहा कि इस तरह की अनुभवात्मक शिक्षा भविष्य के जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।






