भवानीपुर में ‘दीदी’ ढहीं… शुभेंदु का सियासी शिकार, पश्चिम बंगाल में बदला खेल!
15 साल का टीएमसी राज खत्म होने की कगार पर, ममता बनर्जी खुद करीब 15 हजार वोटों से हारीं चुनाव, भाजपा ने 208 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे बनाई बढ़त
न्यूज डेस्क, 4 मई 2026:
देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना के बीच पश्चिम बंगाल से आई खबर ने सियासी तापमान अचानक बढ़ा दिया है। राज्य में भाजपा की प्रचंड बढ़त ने 15 साल से सत्ता में काबिज टीएमसी के किले को ध्वस्त कर दिया है। सबसे बड़ा झटका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगा है। वे भवानीपुर सीट से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के हाथों करीब 15,114 वोटों से हार गईं।
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 294 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट पर मतदान रद्द होने के कारण 293 सीटों पर गिनती हुई। इस लिहाज से बहुमत का आंकड़ा 147 रहा। भाजपा ने 156 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 52 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इससे उसकी कुल संख्या 208 तक पहुंचती दिख रही है। दूसरी ओर टीएमसी 49 सीटों पर सिमट गई है और 30 सीटों पर आगे चल रही है।

भाजपा की इस ऐतिहासिक बढ़त ने बंगाल की राजनीति की दशकों पुरानी धुरी को हिला दिया है। पार्टी ने शहरी इलाकों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी मजबूत पकड़ बनाते हुए टीएमसी के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगा दी है। यह परिणाम पुख्ता संकेत दे रहे हैं कि राज्य में पहली बार भगवा सरकार बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है।
हालांकि हार के बाद ममता बनर्जी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 100 से ज्यादा सीटों पर वोट लूट हुई है और चुनाव आयोग पर भी निष्पक्षता पर सवाल उठाए। ममता ने कहा कि शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
फिलहाल रुझानों और नतीजों के बीच एक बात साफ है कि बंगाल की सियासत में बड़ा बदलाव तय है। सत्ता परिवर्तन अब सिर्फ औपचारिकता भर रह गया है।
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