भोजपुरी गायक पवन सिंह व पत्नी ज्योति का झगड़ा फ्लैट से निकला…इंस्टा पर छिड़ा ‘युद्ध’
सुशांत गोल्फ सिटी के अपार्टमेंट से पत्नी ज्योति ने वायरल किया था वीडियो, पवन ने इंस्टा पर दिया जवाब

लखनऊ, 7 अक्टूबर 2025
यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी स्थित सेलिब्रिटी अपार्टमेंट में भोजपुरी सिनेमा के मशहूर गायक और अभिनेता पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह के बीच उपजा विवाद अब दोनों के इंस्टाग्राम आईडी पर जुबानी जंग में बदल गया है। इधर से सवाल हैं तो उधर से जवाब हैं। कोई सफाई दे रहा है तो कोई सवाल उठा रहा है।
बता दें अपार्टमेंट में ज्योति अपने पति पवन सिंह से मिलने पहुंची थीं, लेकिन सिक्योरिटी गार्ड ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और मौके पर पुलिस को बुला लिया गया। ज्योति सिंह ने पुलिस से कहा था कि वह बिना पति से मिले वापस नहीं जाएंगी। उन्होंने मौके का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। उनके मुंह से बार-बार यही निकल रहा था कि ‘भैया मुझे बर्बाद कर दिया, मुझे पागल कर दिया है’।
पवन ने कहा…मैंने पुलिस नहीं बुलाई, आपके चुनाव लड़ने की रट पूरी नहीं कर सकता
फिलहाल इस हंगामे के बाद पवन अपनी इंस्टा आईडी पर प्रकट हुए। उन्होंने एक पोस्ट कर पूरे हंगामे पर अपनी बात कही है। उन्होंने कहा है कि ‘मैं अपने जीवन में एक हीं बात जानता हूं कि जनता मेरे लिए भगवान है क्या मैं आप सब के जनभावना को ठेस पहुंचाऊंगा जिनके बदौलत में यहां तक पहुंचा’। इसमें बाद ज्योति से मुखातिब होकर सवाल पूछा कहा कि ज्योति सिंह जी क्या यह सच नहीं है, कि कल सुबह आप मेरे सोसाइटी में आई तो मैंने ससम्मान आपको अपने घर पे बुलाया और करीब 1:30 घंटे हम लोगों की वार्तालाप हुई। आपके द्वारा बस एक ही रट की मुझे चुनाव लड़वाइये कैसे भी, जो की मेरे बस का नहीं। समाज में भ्रम फैलाया गया कि मैंने पुलिस बुलाया, जबकि सच्चाई यह है कि पुलिस सुबह से वहाँ इसलिए मौजूद थी ताकि जो भी हो उनके उपस्थिति में हो, कहीं भी आपके साथ आए लोगों द्वारा या किसी और के द्वारा कोई अनहोनी ना हो।
ज्योति ने कहा..जीवन भर पत्नी बनाकर रखें तो चुनाव नहीं लड़ूंगी
इसी तरह पत्नी ज्योति ने अपनी इंस्टा आईडी पर पवन सिंह को सम्बोधित करते हुए एक पोस्ट की। इसकी शुरुआत “आदरणीय पति देव श्री पवन सिंह जी’ से की है। इसके बाद उन्होंने लिखा कि ‘क्या सच है और क्या झूठ – यह हमारी देवतुल्य जनता को भी जानने का अधिकार है। हम सही हों या आप सही हों, कल हम मिलकर मीडिया के सामने बैठते हैं। आप भी बैठिए और मैं भी बैठूंगी, क्योंकि यह अब चारदीवारी के अंदर की बात नहीं रह गई है।
मैं जानती हूँ कि मैं अपनी बात सिद्ध कर सकती हूँ। यदि आप भी ऐसा कर सकते हैं, तो हमारी देवतुल्य जनता के सामने आइए और खुलकर बात कीजिए। जहां तक चुनाव का प्रश्न है, यदि आप मुझे जीवनभर के लिए पत्नी के रूप में स्वीकार करते हैं, तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगी, क्योंकि हम सत्ता के लिए अपनों का इस्तेमाल करने में विश्वास नहीं रखते हैं। और जहां तक आपने ‘डेढ़ घंटे बैठने’ की बात कही है, तो आपके फ़्लैट में मेरे आने और वहाँ से जाने की सारी फुटेज सीसीटीवी में उपलब्ध है। मैं आशा करती हूँ कि यदि आप सच हैं, तो हमारी देवतुल्य जनता के सामने मेरे साथ बैठेंगे’






