Lucknow City

लखनऊ में रहना-खाना-इलाज सब महंगा: नगर निगम ने बढ़ाया लाइसेंस शुल्क, शादी भी पड़ेगी भारी

होटल, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सहित 10 तरह के प्रतिष्ठानों के लाइसेंस शुल्क में दो से तीन गुना तक की बढ़ोतरी, कल्याण मंडपों के किराए में हुई 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी, लाइसेंस शुल्क की दरें अप्रैल से लागू होंगी

लखनऊ, 28 जनवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में आम आदमी की जेब पर एक और बोझ बढ़ गया है। नगर निगम लखनऊ ने शहर की करीब 40 लाख आबादी को प्रभावित करने वाला बड़ा फैसला लिया है। नगर निगम सदन की बैठक में होटल, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सहित 10 तरह के प्रतिष्ठानों के लाइसेंस शुल्क में दो से तीन गुना तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई। इसका सीधा असर शहर में रहना, खाना और इलाज कराने पर पड़ेगा।

नगर निगम का यह फैसला एक अप्रैल 2026 से लागू होगा। खास बात यह है कि नर्सिंग होम, प्रसूति गृह और रेस्टोरेंट के लाइसेंस शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव करीब डेढ़ साल पहले ही सदन से पास हो चुका था, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते इसे अब तक लागू नहीं किया जा सका था। अब नगर निगम ने इसे अमल में लाने का फैसला कर लिया है।

जानकारों के मुताबिक, नगर निगम पिछले करीब 20 साल से विभिन्न प्रतिष्ठानों को लाइसेंस जारी कर रहा है, लेकिन इस दौरान शुल्क में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की गई थी। अब शुल्क बढ़ने से निगम की लाइसेंस फीस से होने वाली सालाना आय करीब पांच करोड़ रुपये से बढ़कर 10 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

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12 कल्याण मंडपों और सामुदायिक केंद्रों का किराया करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ा

महंगाई की मार सिर्फ होटल और अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगी। नगर निगम ने अपने 12 कल्याण मंडपों और सामुदायिक केंद्रों का किराया भी करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। ये कल्याण मंडप अब तक आम आदमी के लिए शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों का सबसे सस्ता विकल्प माने जाते थे।

शहर के प्रमुख इलाकों में स्थित इन कल्याण मंडपों की मांग इतनी अधिक है कि लोग एक से डेढ़ साल पहले तक बुकिंग के लिए पहुंच जाते हैं। हालांकि, नगर निगम चार महीने से पहले एडवांस बुकिंग नहीं लेता। महानगर कल्याण मंडप जैसे केंद्रों में करीब 30 हजार वर्ग फीट का खुला लॉन, एसी कमरे और आंशिक बुकिंग की सुविधा भी है, जिससे खर्च कम आता था। लेकिन अब किराया बढ़ने से मध्यम वर्ग के लिए शादी का बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है।

शहर में 20 तरह के व्यवसायों को फिलहाल राहत

नगर निगम की बैठक में जिम, स्पा सेंटर, कोचिंग संस्थान और शोरूम सहित 20 तरह के नए प्रतिष्ठानों को भी लाइसेंस शुल्क के दायरे में लाने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, व्यापारियों के विरोध और भाजपा पार्षद अनुराग मिश्रा अन्नू की आपत्ति के बाद इस प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।

इस फैसले से जिम, ब्यूटी पार्लर, कोचिंग संस्थान, चार्टेड एकाउंटेंट कार्यालय, स्पा सेंटर, ज्वैलरी और कपड़ा शोरूम, स्पोर्ट्स एकेडमी, बेकरी, टी स्टाल, फर्नीचर और बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानों सहित 20 तरह के व्यवसायों को राहत मिली है। नगर निगम के इस फैसले से उसकी आमदनी भले ही बढ़े लेकिन लखनऊ के आम नागरिक के लिए आने वाले दिनों में जीवन और ज्यादा महंगा होना तय माना जा रहा है।

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(सभी लाइसेंस शुल्क सालाना रुपये में)

शहर के कल्याण मंडपों का मौजूदा किराया

-महानगर कल्याण मंडप  64,800
-विकास नगर कल्याण मंडप  59,000
-सामुदायिक केंद्र विकास नगर- 4 29,500
-पटेल पार्क बहुउद्देशीय भवन बड़ा चांदगंज  12,000
-सामुदायिक केंद्र मनकामेश्वर वार्ड  2,950
-बीबीडी सामुदायिक केंद्र पुराना किला  7,000
-मानसरोवर योजना कल्याण मंडप  88,500
-जियामऊ कल्याण मंडप  45,660
-गनेशगंज कल्याण मंडप।  5,900
-लालकुआं कल्याण मंडप  5,000
-नरही कल्याण मंडप  5,900
-आनंद नगर कल्याण मंडप।  11,000
-सरस्वती कल्याण मंडप  11,800
-डीएचपी फ्लैट किराया प्रतिदिन  177
(किराया प्रतिदिन के हिसाब से रुपये में)

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