Lucknow City

68,500 शिक्षक भर्ती : दिवाली पर भी पूरी नहीं हुई नियुक्ति की आस, ईको गार्डन में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी

दो महीने से अधिक समय से धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों पर लगाए आरोप, बोले- 10 सितंबर की बैठक में अन्याय स्वीकारने के बावजूद नहीं जारी हुआ नियुक्ति शेड्यूल, आदेश आने तक जारी रहेगा आंदोलन

लखनऊ, 7 नवंबर 2026:

उत्तर प्रदेश की 68,500 शिक्षक भर्ती 2018 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति का इंतजार त्योहारों पर भी भारी पड़ रहा है। नियुक्ति की मांग को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में दो महीने से अधिक समय से चल रहा आंदोलन दीपावली पर भी जारी है। दशहरा से शुरू हुआ अभ्यर्थियों का धरना अब दीपावली तक पहुंच गया लेकिन सरकार की ओर से नियुक्ति को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई।

आंदोलनकारियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों पर मुख्यमंत्री को मामले की सही जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से सैकड़ों अभ्यर्थियों की दीपावली अपने परिवार से दूर धरना स्थल पर बीत रही है।

आंदोलन के नेतृत्वकर्ता आशुतोष वर्मा और तूफान सिंह ने कहा कि यदि शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री के सामने प्रकरण को तथ्यात्मक और सही तरीके से रखा होता तो अभ्यर्थियों को दीपावली आंदोलन स्थल पर नहीं मनानी पड़ती। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मना रहे हैं लेकिन नियुक्ति की आस लगाए अभ्यर्थी घर-परिवार से दूर धरने पर बैठे हैं।

ये भी पढ़ें:

68,500 शिक्षक भर्ती दिवाली पर भी पूरी नहीं हुई नियुक्ति की आस, ईको गार्डन में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी (1)

Advertisement

अभ्यर्थी रंजना जायसवाल ने शिक्षा मंत्री और अधिकारियों को मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि अधिकारियों से ज्यादा जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है जिनकी कमी के कारण अभ्यर्थियों को घर से दूर दीपावली मनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

बैठक में अन्याय स्वीकारने का दावा, फिर भी नियुक्ति पर चुप्पी

अभ्यर्थियों ने 10 सितंबर को बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास पर हुई बैठक का हवाला देते हुए कहा कि इसमें 68,500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होने की बात स्वीकार की गई थी। इसके साथ ही इस अन्याय को दूर करने पर सहमति भी बनी थी। इसके बावजूद अब तक न तो नियुक्ति का शेड्यूल जारी किया गया और न ही अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए कोई ठोस आदेश सामने आया। आंदोलनकारियों ने सवाल उठाया कि जब बैठक में अन्याय स्वीकार कर लिया गया था तो फिर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने में देरी क्यों हो रही है? उन्होंने सरकार से 10 सितंबर की बैठक में बनी सहमति पर तत्काल अमल करने की मांग की।

धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने दो टूक कहा कि जब तक नियुक्ति का शेड्यूल जारी नहीं होता तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा। वहीं, क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे चित्रकूट के दीपक पटेल और बरेली के नसीम फरीदी ने सरकार से अविलंब नियुक्ति शेड्यूल जारी कर आंदोलन का सुखद समापन कराने की मांग की। शनिवार को धरने में रणबहादुर सिंह, उत्कर्ष सिंह, अनस, अबरार, अमित, साहिबे जमाल, चंद्रशेखर पटेल, घनश्याम यादव, मनोज कुमार, तारिक, नीरज सिंह, अनुराग समेत तमाम अभ्यर्थी शामिल रहे।

ये भी पढ़ें  ‘एक पेड़ मां के नाम’ की गूंज ब्रिक्स देशों तक, यूपी मॉडल को अपनाने की तैयारी

Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link