
नई दिल्ली, 11 मई 2025
पाकिस्तान के अनुरोध पर युद्ध विराम समझौते के बाद भारत ने पाकिस्तान द्वारा दुनियाभर में चलाए जा रहे छूटे प्रचार के अभियानों को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था जिसपर पाकिस्तान रोज-रोज भारत को लेकर गलत जानकारी को प्रसारित कर रहा है। हाल ही के दावें पर एक बार फिर भारतीय रक्षा बलों ने पाकिस्तान के इस पाखंड की फिर से पोल खोल दी है और स्पष्ट रूप से खंडन किया है कि उसके JF-17 विमानों ने भारत के S-400 वायु रक्षा प्रणाली और ब्रह्मोस मिसाइल बेस को नुकसान पहुंचाया है। रक्षा मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, “पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसने अपने JF 17 से हमारे S400 और ब्रह्मोस मिसाइल बेस को नुकसान पहुंचाया है, जो पूरी तरह से गलत है।” रक्षा मंत्रालय ने भारत पर हमलों और भारतीय सेना की कार्रवाई के संबंध में पाकिस्तान द्वारा किए गए कई अन्य दावों को भी खारिज कर दिया है।
पाकिस्तान के गलत सूचना अभियान में यह झूठा दावा भी शामिल था कि सिरसा, जम्मू, पठानकोट, भटिंडा, नलिया और भुज में भारत के हवाई अड्डों को नुकसान पहुँचाया गया। भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इन मनगढ़ंत दावों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हुए कहा है कि ये “पूरी तरह से गलत” हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ और व्यास में भारत के गोला-बारूद डिपो को नुकसान पहुँचाया गया, जिसका भारत ने भी खंडन किया है।
मस्जिदों पर हमले के झूठे आरोप :
पाकिस्तान ने यह भी झूठा आरोप लगाया कि भारतीय सेना ने मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया। कर्नल कुरैशी ने जोर देकर कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और इसकी सेना देश के संवैधानिक मूल्यों का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है और हमारी सेना भारत के संवैधानिक मूल्यों का एक बहुत ही सुंदर प्रतिबिंब है।”
तनाव के बावजूद, भारत ने युद्ध विराम की घोषणा करने के पाकिस्तान के अनुरोध पर सहमति व्यक्त की है, जिससे पहलगाम में आतंकवादी हमले के बाद कई दिनों से चल रही सैन्य कार्रवाई और बढ़े हुए तनाव पर रोक लग गई है। सरकार के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा भारत से संपर्क करने के बाद दोनों देशों के बीच शत्रुता समाप्त करने के लिए सीधे बातचीत की गई। अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने दिन में पहले एक कॉल की, जिसके दौरान दोनों पक्षों ने चर्चा की और एक समझौते पर पहुंचे।






