संतकबीरनगर, 26 अप्रैल 2026:
यूपी के संतकबीरनगर जिले में खलीलाबाद के मोतीनगर में रविवार को प्रशासन ने अवैध रूप से बनाए गए ब्रिटिश मौलाना के एक बड़े मदरसे पर बुलडोजर चला दिया। करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार तीन मंजिला इस मदरसे को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन ने चार जेसीबी मशीनें लगाईं और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब मदरसा प्रबंधन की ओर से दाखिल सभी कानूनी याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं। एसडीएम और डीएम के आदेश के खिलाफ सोसायटी ने बस्ती मंडल के आयुक्त कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की थी। मंडलायुक्त ने भी सुनवाई के बाद इसे खारिज कर दिया और पूर्व के आदेशों को बरकरार रखा।

मामला मोतीनगर स्थित गाटा संख्या 154 की 640 वर्गमीटर सरकारी जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि अवैध तरीके से मदरसे का निर्माण कराया गया। एक सोसायटी द्वारा संचालित इस मदरसे में 25 कमरे बनाए गए थे और वर्ष 2024 तक यहां करीब 400 बच्चे पढ़ते थे। हालांकि, पिछले दो वर्षों से यह मदरसा बंद पड़ा था।
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि मदरसे का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के कराया गया और राजस्व संहिता का उल्लंघन करते हुए सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया। एसडीएम सदर की जांच के बाद जमीन को राज्य सरकार में निहित कर दिया गया और भवन को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया।

मदरसे से जुड़े मौलाना शमशुल हुदा खान पर भी कई आरोप हैं। बताया जा रहा है कि वह ब्रिटेन की नागरिकता लेकर विदेश में रह रहा है और 2017 से भारत नहीं लौटा। इसके बावजूद वह करीब 10 वर्षों तक आजमगढ़ के एक मदरसे से वेतन लेता रहा और बाद में अधिकारियों की मिलीभगत से वीआरएस भी ले लिया। इस मामले के खुलासे के बाद अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
कमिश्नर के आदेश के बाद उप जिलाधिकारी हृदय राम तिवारी और क्षेत्राधिकारी प्रियम राजशेखर पाण्डेय की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने रविवार को मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी जो देर शाम तक जारी थी।






