
न्यूज डेस्क, 2 अगस्त 2026:
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (RCL), उसके पूर्व चेयरमैन अनिल डी. अंबानी, कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ EPFO के निवेश से जुड़े कथित घोटाले में FIR दर्ज की है। एजेंसी का आरोप है कि इस मामले में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को कुल 1816.22 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसमें 1007.55 करोड़ रुपये की मूल राशि और 808.67 करोड़ रुपये की ब्याज देनदारी शामिल है।
EPFO की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
CBI ने बताया कि 31 जुलाई 2026 को श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले EPFO की लिखित शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया। FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक कदाचार जैसी धाराएं लगाई गई हैं।
2500 करोड़ का निवेश बना जांच का आधार
शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2013 और 2014 में रिलायंस कैपिटल ने सुरक्षित Non-Convertible Debentures (NCD) जारी किए थे। इनमें EPFO ने रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड समेत चार Portfolio Managers के जरिए 2500 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इन NCD की मैच्योरिटी 2023 और 2024 में तय थी। CBI का आरोप है कि बाद में फंड का गलत इस्तेमाल किया गया, जिससे कंपनी तय समय पर NCD का भुगतान नहीं कर सकी। इसी वजह से EPFO को 1816.22 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

सरकारी अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में
CBI अब इस पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच करेगी। एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि निवेश की गई रकम आखिर कहां और किस तरह इस्तेमाल हुई। इसके साथ ही कथित आपराधिक साजिश के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं कई मामले
CBI ने बताया कि इससे पहले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और LIC की शिकायतों के आधार पर रिलायंस ADA ग्रुप की कंपनियों रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom), रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL) और रिलायंस टेलीकॉम (RTL) के खिलाफ सात FIR दर्ज की जा चुकी हैं। एजेंसी अब तक इन मामलों में चार चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और सात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है। CBI के अनुसार इन मामलों की जांच जारी है और इन पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी भी है।






